Categories:
रायबरेली
मंगल पांडेय का बलिदान भारतीय स्वाभिमान, राष्ट्रभक्ति और स्वतंत्रता चेतना का अमर प्रकाश स्तंभ है : संयोजक प्रदीप पांडेय
राना की धरती से गूंजी राष्ट्रभक्ति की हुंकार
प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत अमर शहीद मंगल पांडेय को श्रद्धानमन
1857 की क्रांति के प्रथम शंखनाद के नायक अमर शहीद मंगल पांडेय की 199वीं जयंती पर मातृभूमि सेवा मिशन ने किया श्रद्धापूर्वक नमन
‘मंगल पांडेय अमर रहें’ के जयघोष से गूंज उठा राना बेनी माधव सिंह पार्क
दीप प्रज्ज्वलन, पुष्पांजलि और पौधरोपण के साथ दिया राष्ट्रभक्ति व पर्यावरण संरक्षण का संदेश
सशक्त न्यूज नेटवर्क
रायबरेली। स्वतंत्रता दिवस से पहले जब देश भर में राष्ट्रभक्ति का वातावरण आकार ले रहा है, ऐसे समय में वीर शिरोमणि अमर सेनानी राना बेनी माधव सिंह की धरती रायबरेली से राष्ट्रप्रेम, त्याग, सेवा और पर्यावरण संरक्षण का प्रेरक संदेश दिया गया। 1857 की प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत, क्रांति के प्रथम शंखनाद के नायक एवं अमर शहीद मंगल पांडेय की 199वीं जयंती पर राना बेनी माधव सिंह पार्क में संचालित मातृभूमि सेवा मिशन के दैनिक निःशुल्क योग शिविर में श्रद्धा, संकल्प और राष्ट्रीय चेतना से ओतप्रोत कार्यक्रम आयोजित हुआ। आयोजन में इतिहास के दो अमर अध्याय—मंगल पांडेय और राना बेनी माधव सिंह—की गौरवगाथा का स्मरण करते हुए युवाओं से राष्ट्रनिर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अमर शहीद मंगल पांडेय के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर, माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुआ। इसके उपरांत पूरा पार्क “मंगल पांडेय अमर रहें”, “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के जयघोष से गूंज उठा। योग साधकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और स्वाभिमान की रक्षा का संकल्प लेते हुए अमर शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उनकी स्मृति में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया, जिससे राष्ट्रसेवा और प्रकृति संरक्षण का सुंदर समन्वय दिखाई दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मातृभूमि सेवा मिशन के संयोजक प्रदीप पांडेय ने कहा कि 19 जुलाई 1827 को उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद के नगवा गांव में जन्मे मंगल पांडेय ने गुलाम भारत में स्वाभिमान की पहली मशाल प्रज्ज्वलित की। ईस्ट इंडिया कंपनी की 34वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री में बैरकपुर छावनी में तैनात रहते हुए उन्होंने 29 मार्च 1857 को अंग्रेजी शासन के विरुद्ध विद्रोह का बिगुल फूंका, जिसने आगे चलकर प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का स्वरूप धारण किया। अंग्रेजी शासन ने 8 अप्रैल 1857 को उन्हें बैरकपुर में फांसी दे दी, किंतु उनका बलिदान भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की अमर प्रेरणा बन गया। उन्होंने कहा कि मंगल पांडेय केवल एक क्रांतिकारी नहीं, बल्कि भारतीय स्वाभिमान, साहस, त्याग और राष्ट्र सर्वोपरि की भावना के अमर प्रतीक हैं। उनका जीवन आज भी नई पीढ़ी को राष्ट्र के प्रति समर्पण, कर्तव्य और आत्मगौरव का संदेश देता है।
वक्ताओं ने कहा कि मंगल पांडेय का विद्रोह केवल एक सैनिक का प्रतिरोध नहीं था, बल्कि विदेशी दासता के विरुद्ध भारतीय अस्मिता का पहला संगठित उद्घोष था। उसी ऐतिहासिक चिंगारी ने 1857 की क्रांति को जनांदोलन का स्वरूप दिया। इसी महान संग्राम में रायबरेली के वीर शिरोमणि अमर सेनानी राना बेनी माधव सिंह ने भी अंग्रेजी सत्ता के विरुद्ध अद्वितीय शौर्य का परिचय दिया। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास इन दोनों अमर वीरों के साहस, बलिदान और राष्ट्रनिष्ठा के बिना कभी पूर्ण नहीं हो सकता। वक्ताओं ने कहा कि आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी इन महान विभूतियों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना और पर्यावरण संरक्षण को अपने जीवन का संकल्प बनाए।
योग शिविर के उपरांत कार्यक्रम के दूसरे चरण में मातृभूमि सेवा मिशन के वरिष्ठ संरक्षक एवं समाजसेवी महेंद्र अग्रवाल के दिवंगत पुत्र राकेश अग्रवाल तथा पुत्रवधू सोनम अग्रवाल की चौथी पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। चार वर्ष पूर्व मुंशीगंज क्षेत्र में हुए सड़क हादसे में दोनों का असामयिक निधन हो गया था। उनकी स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
इस अवसर पर उनके पुत्र तिज़िल अग्रवाल ने अपने माता-पिता की स्मृति में पौधरोपण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। समाजसेवी महेंद्र अग्रवाल ने भी पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा अपने पुत्र और पुत्रवधू की स्मृति में योग साधकों, श्रमिकों एवं उपस्थित लोगों को फल एवं बिस्कुट वितरित किए। संयोजक प्रदीप पांडेय ने कहा कि किसी प्रियजन की स्मृति को जीवित रखने का सबसे श्रेष्ठ माध्यम सेवा, संस्कार और प्रकृति संरक्षण है। एक पौधा केवल हरियाली नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है और यही सच्ची श्रद्धांजलि भी है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि योग केवल स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, सेवा, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक उत्तरदायित्व की जीवनशैली है। जब योग, संस्कार, राष्ट्रप्रेम और पर्यावरण संरक्षण का समन्वय होता है, तभी एक सशक्त समाज और विकसित भारत का निर्माण संभव होता है। उपस्थित सभी लोगों ने अमर शहीद मंगल पांडेय और अमर सेनानी राना बेनी माधव सिंह के आदर्शों पर चलने, राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा समाज सेवा और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में निरंतर सहभागी बनने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर मातृभूमि सेवा मिशन के अध्यक्ष रामराज गिरी, संरक्षक महेंद्र अग्रवाल, महामंत्री देवनाथ मिश्र, सहसंयोजक रामानुज मिश्रा, जिला योग प्रभारी प्रकाश नारायण पाठक, सचिव राकेश यादव, मंडल अध्यक्ष भागवत प्रताप सिंह, भगवती शरण मिश्र, देवता दीन यादव, दिनेश पांडे, दिनेश मिश्र, पूर्व पुलिस अधीक्षक एस.पी. सिंह, विधिक सलाहकार एवं योग साधक अजय पाल सिंह, राम मिलन यादव, सुमन यादव, माया, रश्मि पांडे, पूनम सिंह, गौरी मिश्रा, सत्येंद्र, योग प्रशिक्षक अनूप शर्मा, राज अग्रहरि, योग प्रशिक्षिका शिवांशी पांडे, तिज़िल अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में योग साधक, मिशन के पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।