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उत्तर प्रदेश
योगी सरकार की नई ट्रांसफर नीति: जिले में तीन, मंडल में सात साल पर तबादला अनिवार्य
सशक्त न्यूज नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए नई ट्रांसफर नीति का मसौदा तैयार कर लिया है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाना है। इसके तहत लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे अधिकारियों और कर्मचारियों को स्थानांतरित कर नई ऊर्जा लाने का लक्ष्य रखा गया है।
मसौदा नीति के अनुसार, किसी जिले में तीन साल की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों का तबादला अनिवार्य रूप से किया जाएगा। इसी तरह, मंडल स्तर पर सात साल की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को भी स्थानांतरित किया जाएगा। यह कदम प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और कार्यप्रणाली में सुधार लाने के लिए उठाया गया है।
नीति में यह भी प्रावधान है कि एक ही पद या सीट पर वर्षों से बैठे कर्मचारियों को दूसरे स्थान या विभाग में भेजा जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगेगा। साथ ही, कार्यप्रणाली को सुस्त होने से बचाने में भी मदद मिलेगी। यह नीति राज्य के विभिन्न विभागों में कर्मचारियों के स्थानांतरण को विनियमित करेगी। इसका उद्देश्य कर्मचारियों के बीच नई ऊर्जा का संचार करना और उन्हें विभिन्न कार्यक्षेत्रों का अनुभव देना है।
यह नई नीति वर्ष 2026-27 के लिए तैयार की गई है। इसके तहत जिले में तीन वर्ष पूरे करने वाले कर्मचारियों का तबादला अनिवार्य होगा। मंडल स्तर पर सात वर्ष की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को भी स्थानांतरित किया जाएगा। एक ही पद पर लंबे समय से जमे कर्मचारियों को भी दूसरे विभाग में भेजा जाएगा। यह प्रावधान प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए हैं।
सरकार का मानना है कि यह नीति भ्रष्टाचार को रोकने में सहायक होगी। लंबे समय तक एक ही स्थान पर रहने से उत्पन्न होने वाली जड़ता को समाप्त किया जाएगा। कर्मचारियों के स्थानांतरण से कार्यप्रणाली में नई गति और ऊर्जा आएगी। इससे प्रशासनिक दक्षता में वृद्धि होगी और सेवाओं की गुणवत्ता सुधरेगी। नीति का लक्ष्य सुस्त कार्यप्रणाली को समाप्त कर उसे अधिक सक्रिय बनाना है।