18 दिनों से अंधेरे में डूबा भगवल बुजुर्ग, ग्रामीणों का सब्र टूटा; बिजली बहाली न होने पर धरने की चेतावनी

सशक्त न्यूज नेटवर्क
डलमऊ (रायबरेली)। विकास और आधुनिक सुविधाओं के दौर में भी डलमऊ क्षेत्र का भगवल बुजुर्ग गांव पिछले 18 दिनों से बिजली संकट की मार झेल रहा है। लगातार बिजली आपूर्ति ठप रहने से ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। भीषण गर्मी के बीच अंधेरे में रातें गुजारने को मजबूर ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति गहरा आक्रोश व्याप्त है।

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में बिजली न होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहीं बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पेयजल व्यवस्था भी चरमरा गई है, क्योंकि अधिकांश घरों में पानी की आपूर्ति बिजली चालित मोटरों पर निर्भर है। रात के समय अंधेरा होने से सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी बढ़ गई हैं।

भारतीय किसान यूनियन के नेता मनोज यादव ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि 18 दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित रहने के बावजूद विभाग द्वारा समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है। कई बार शिकायत किए जाने के बाद भी अधिकारी गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में निराशा और रोष बढ़ता जा रहा है।

मनोज यादव ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भगवल बुजुर्ग गांव में जल्द बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो भारतीय किसान यूनियन ग्रामीणों के साथ मिलकर डलमऊ पावर हाउस के सामने धरना-प्रदर्शन करेगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग और संबंधित अधिकारियों की होगी।

ग्रामीणों ने भी प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर बिजली व्यवस्था सुचारु कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे बड़े जनआंदोलन के लिए बाध्य होंगे। गांव के लोगों को अब उम्मीद है कि उनकी पीड़ा सुनकर प्रशासन जल्द कोई ठोस कदम उठाएगा और अंधेरे में डूबे गांव को राहत मिलेगी।

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