भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा, त्याग और आदर्शों का प्रतीक है

सशक्त न्यूज नेटवर्क
रायबरेली। मुंशीगंज के कैलाशपुर स्थित मां वैष्णो देवी दरबार में आयोजित श्रीराम कथा में गुरुवार को श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा। कथा व्यास आचार्य अजय शास्त्री ने भगवान श्रीराम जन्म की पावन कथा का भावपूर्ण वर्णन किया।

कथा के दौरान भगवान राम के अवतार का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और पूरा पंडाल जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। आचार्य ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा, त्याग और आदर्शों का प्रतीक है। उनके चरित्र से प्रेरणा लेकर व्यक्ति अपने जीवन को सार्थक बना सकता है। कथा के दौरान श्रद्धालु पूरे मनोयोग से कथा श्रवण करते रहे।

देर शाम आयोजित रामलीला में कलाकारों ने श्रवण कुमार प्रसंग का सजीव मंचन प्रस्तुत किया। कलाकारों के प्रभावशाली अभिनय ने दर्शकों को भावुक कर दिया। श्रवण कुमार द्वारा अपने वृद्ध माता-पिता की सेवा और राजा दशरथ से जुड़ा मार्मिक प्रसंग देखकर दर्शकों की आंखें नम हो गईं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

आयोजन समिति के स्वामी दिव्यानंद गिरि ने बताया कि श्रीराम कथा और रामलीला का क्रम आगामी दिनों में भी जारी रहेगा। श्रद्धालुओं के बैठने के लिए समुचित व्यवस्थाएं की गई हैं। इस अवसर पर दालभ्य पीठ के महामंडलेश्वर स्वामी देवेंद्रानंद गिरि महाराज, स्वामी धर्मानंद गिरि, स्वामी राम चैतन्य गिरि, सुधाकर, सुशील शास्त्री व राजेश कुमार मौजूद रहे।

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