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मानसून सात दिन देरी से केरल पहुंचेगा, इस बार 10 फीसदी कम बारिश की आशंका
सशक्त न्यूज नेटवर्क
नई दिल्ली। देश में मानसून की रफ्तार धीमी हो गई है। अब इसके केरल में सात दिन की देरी से दस्तक देने का अनुमान है। भारतीय मौसम विभाग ने शुक्रवार को बताया कि इस बार सामान्य से 10 फीसदी कम बारिश हो सकती है। विभाग ने दक्षिण-पश्चिम मानसून पर अपने दूसरे दीर्घकालिक अनुमान में यह जानकारी दी।
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून पिछले पांच दिनों से श्रीलंका के तटवर्ती क्षेत्र में अटका हुआ है। यह केरल तट से लगभग 30-35 किलोमीटर दूर है। विभाग ने बताया कि अगले दो-तीन दिन तक इसके आगे बढ़ने की उम्मीद नहीं है। इस स्थिति के कारण मानसून के देश में प्रवेश में देरी हो रही है।
भारतीय मौसम विभाग ने अपने दूसरे दीर्घकालिक अनुमान में इस बार 90 फीसदी बारिश होने का अनुमान बताया है। इसमें चार फीसदी की मॉडल त्रुटि हो सकती है। इसका अर्थ है कि कुल बारिश 86 फीसदी से 94 फीसदी के बीच रहने की संभावना है। यह सामान्य से 10 फीसदी कम बारिश का संकेत है। मानसून की धीमी रफ्तार से कृषि क्षेत्र पर संभावित असर को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
मानसून की वर्तमान स्थिति
देश में मानसून एक्सप्रेस की रफ्तार धीमी हो गई है, जो पिछले पांच दिनों से श्रीलंका के तटवर्ती क्षेत्र में अटका हुआ है। केरल तट से 30-35 किलोमीटर दूर होने के कारण यह आगे नहीं बढ़ पा रहा है। मौसम विभाग ने अगले दो-तीन दिन तक इसके आगे बढ़ने की कोई उम्मीद नहीं जताई है। इस कारण केरल में मानसून की दस्तक में सात दिन की देरी होगी।
बारिश का अनुमान और संभावित प्रभाव
भारतीय मौसम विभाग ने इस बार सामान्य से 10 फीसदी कम बारिश होने का अनुमान लगाया है। विभाग के दूसरे दीर्घकालिक अनुमान के अनुसार, कुल 90 फीसदी बारिश हो सकती है। इसमें चार फीसदी की मॉडल त्रुटि भी शामिल है। इसका मतलब है कि बारिश 86 फीसदी से 94 फीसदी के दायरे में रह सकती है। कम बारिश का अनुमान कृषि और जल संसाधनों के लिए चिंता का विषय है।