राहुल गांधी व उनकी मां और बहन सहित 45 के खिलाफ कोर्ट में अर्जी
सशक्त न्यूज नेटवर्क
रायबरेली। सरकारी अभिलेखों में हेराफेरी और कूटरचित दस्तावेजों के गंभीर आरोपों के संबंध में पांजा फाउंडेशन ने बुधवार को एमपी-एमएलए कोर्ट में एक अर्जी दाखिल की है। इस अर्जी में सांसद राहुल गांधी, पूर्व सांसद सोनिया गांधी, सांसद प्रियंका गांधी और सांसद केएल शर्मा सहित कुल 45 लोगों पर आरोप लगाए गए हैं। फाउंडेशन के प्रदेश अध्यक्ष बृजेंद्र शरण गांधी और उपाध्यक्ष लाखन सिंह ने इस मामले में प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कराने की मांग की है।
स्कूल को मान्यता दिलाने के लिए रची गई साजिश
आरोप पत्र में कहा गया है कि सरकारी दस्तावेजों की कूट रचना कर एक स्कूल को सीबीएसई बोर्ड से मान्यता दिलाने का प्रयास किया गया। शिकायतकर्ताओं ने तत्कालीन तहसीलदार अनिल पाठक के एक पत्र का हवाला देते हुए बताया कि जिस जमीन पर स्कूल का निर्माण हुआ है, उससे संबंधित लैंड सर्टिफिकेट तहसील से जारी ही नहीं हुआ था। बृजेन्द्र शरण गांधी ने बताया कि इस प्रकरण की शिकायत प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक की जा चुकी है, लेकिन जांच अधिकारियों ने मामले को पुलिस कार्यवाही का विषय बताकर शिकायतों को बंद कर दिया था।
कोर्ट ने तलब की रिपोर्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए बुधवार को विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट डॉ. विवेक कुमार ने कोतवाली पुलिस से इस संबंध में आख्या (रिपोर्ट) तलब की है। इस संबंध में सीओ अरुण कुमार नौहवार ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है और रिपोर्ट आने पर ही जवाब दिया जाएगा। यह मामला सरकारी अभिलेखों की प्रामाणिकता और उनके दुरुपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।