एम्स रायबरेली में बिना ऑपरेशन निकाली गई पेट में फंसी आम की गुठली, एंडोस्कोपी से पहली बार मिली सफलता

53 वर्षीय मरीज की लगातार उल्टी के बाद हुआ खुलासा, चिकित्सीय अपर जीआई एंडोस्कोपी से 3 सेंटीमीटर लंबी गुठली सुरक्षित निकाली गई

सशक्त न्यूज नेटवर्क
रायबरेली। आम खाते समय गलती से निगली गई गुठली एक 53 वर्षीय व्यक्ति के लिए बड़ी परेशानी बन गई। लगातार उल्टी होने पर मरीज एम्स रायबरेली पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने बिना किसी ऑपरेशन के एंडोस्कोपी के जरिए पेट में फंसी करीब तीन सेंटीमीटर लंबी आम की गुठली सफलतापूर्वक निकाल दी। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि संस्थान में पहली बार चिकित्सीय अपर गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (यूजीआई) एंडोस्कोपी के माध्यम से इस तरह की जटिल प्रक्रिया सफलतापूर्वक की गई।

डॉक्टरों के मुताबिक मरीज को आम की गुठली निगलने के बाद लगातार उल्टी हो रही थी। शुरुआती जांच में एक्स-रे में गुठली स्पष्ट दिखाई नहीं दी। इसके बाद चिकित्सकों ने तुरंत अपर जीआई एंडोस्कोपी करने का फैसला लिया। एंडोस्कोपी के दौरान पेट में फंसी गुठली का पता चल गया और विशेष उपकरणों की मदद से उसे बिना सर्जरी के सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

इस जटिल प्रक्रिया को डॉ. अमृतांशु सौरभ, डॉ. प्रणभ कुशवाहा, डॉ. रौनक मेहरोत्रा, डॉ. योगेश श्रीवास्तव, डॉ. शेषनाथ, डॉ. इमजुंग, डॉ. अभयजीत और डॉ. हिमांशु की टीम ने नर्सिंग ऑफिसर स्वाति के सहयोग से सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इलाज के बाद मरीज पूरी तरह स्वस्थ है।

एम्स रायबरेली की कार्यकारी निदेशक डॉ. अमिता जैन ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान मरीजों को सुरक्षित, अत्याधुनिक और न्यूनतम इनवेसिव उपचार उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। वहीं अपर चिकित्सा अधीक्षक एवं यूनिट हेड डॉ. नीरज श्रीवास्तव ने कहा कि भविष्य में भी उन्नत एंडोस्कोपी सेवाओं का विस्तार कर क्षेत्र के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

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