निजी स्कूलों में किताबों के नाम पर लूट रोकने की मांग, किसान यूनियन ने सौंपा ज्ञापन

सशक्त न्यूज नेटवर्क
रायबरेली। भारतीय किसान यूनियन के डलमऊ तहसील अध्यक्ष अजमेर सिंह ने निजी स्कूलों द्वारा किताबों के नाम पर की जा रही कथित लूट को रोकने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को एक ज्ञापन सौंपा है। यह अपील अभिभावकों पर पड़ रहे आर्थिक बोझ को कम करने के उद्देश्य से की गई है।

ज्ञापन में अजमेर सिंह ने बताया कि निजी स्कूल हर साल नई किताबें और ड्रेस खरीदने के लिए अभिभावकों पर दबाव डालते हैं। इससे अभिभावकों को अनावश्यक रूप से अधिक खर्च करना पड़ता है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन कुछ चुनिंदा दुकानों से ही किताबें और अन्य सामग्री खरीदने के लिए मजबूर करते हैं। इन दुकानों पर किताबों की कीमतें बाजार मूल्य से काफी अधिक होती हैं। किसान यूनियन ने इस मनमानी पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि शिक्षा का व्यवसायीकरण नहीं होना चाहिए और यह सभी के लिए सुलभ होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप कर अभिभावकों को राहत दिलाने की अपील की। अजमेर सिंह ने यह भी कहा कि इस तरह की प्रथाएं शिक्षा के मूल उद्देश्य को कमजोर करती हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो यूनियन आंदोलन करने को मजबूर होगी।

अभिभावकों की बढ़ती चिंताएं
अभिभावकों का कहना है कि हर नए सत्र में किताबों और स्कूल ड्रेस के नाम पर भारी भरकम फीस वसूली जाती है। कई बार पाठ्यक्रम में मामूली बदलाव के बावजूद पूरी किताब बदलने को कहा जाता है। इससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। यह स्थिति बच्चों की शिक्षा पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। वे चाहते हैं कि सरकार और प्रशासन इस दिशा में ठोस कदम उठाए।

प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
भारतीय किसान यूनियन ने उपजिलाधिकारी से इस मामले की गंभीरता से जांच करने का आग्रह किया है। उन्होंने मांग की है कि निजी स्कूलों द्वारा किताबों की बिक्री में की जा रही अनियमितताओं पर अंकुश लगाया जाए। यूनियन ने एक समिति गठित करने का सुझाव भी दिया है जो किताबों की कीमतों और गुणवत्ता की निगरानी करे। अजमेर सिंह ने कहा कि प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी स्कूल अभिभावकों का शोषण न कर सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन जल्द ही इस दिशा में प्रभावी कदम उठाएगा।

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