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कानपुर। मां का हाथ कटने पर आईटीबीपी जवान का आरोप, सीएमओ पर डॉक्टरों को बचाने का इल्जाम
सशक्त न्यूज नेटवर्क
कानपुर। आईटीबीपी जवान विकास सिंह ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) पर कृष्णा अस्पताल के डॉक्टरों को बचाने का आरोप लगाया है। यह आरोप उनकी मां निर्मला देवी के इलाज के दौरान हाथ कटने के मामले से जुड़ा है। सीएमओ द्वारा स्पष्ट जांच रिपोर्ट न देने के बाद विकास सिंह ने पुलिस कमिश्नर से मुलाकात की।
आज सुबह करीब 11:15 बजे आईटीबीपी के लगभग 100 जवानों ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय का घेराव किया। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल और अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था डॉ. विपिन कुमार ताड़ा ने जवानों से मुलाकात की। इस दौरान आईटीबीपी की 15 से अधिक गाड़ियां और ट्रक परिसर में मौजूद थे। पुलिस अधिकारियों से मुलाकात के बाद आईटीबीपी की पांच से छह गाड़ियां सीएमओ कार्यालय के लिए रवाना हुईं।
इलाज में लापरवाही का आरोप
फतेहपुर के अलीमऊ गांव के रहने वाले विकास सिंह आईटीबीपी में कांस्टेबल के पद पर महाराजपुर आईटीबीपी कैंप में तैनात हैं। उन्होंने बताया कि उनकी 56 वर्षीय मां निर्मला देवी को सांस लेने में दिक्कत, कब्ज और कमजोरी की शिकायत थी। उन्हें पहले आईटीबीपी अस्पताल महाराजपुर में दिखाया गया था, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें आईटीबीपी के पैनल में शामिल कृष्णा अस्पताल रेफर किया गया।
हाथ कटने की पूरी घटना
विकास सिंह के अनुसार, कृष्णा अस्पताल में भर्ती के दौरान उनकी मां को वेंटिलेटर पर रखा गया था। इलाज के दौरान कथित तौर पर एक गलत इंजेक्शन लगाया गया, जिससे उनका हाथ काला पड़ गया और सूजन लगातार बढ़ती गई। मां की हालत बिगड़ने पर उन्हें बिठूर सड़क स्थित पारस अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां डॉक्टरों ने बताया कि संक्रमण फैल गया है, जिसके कारण अंततः उनका हाथ काटना पड़ा।