Categories:
जन समस्या
एक करोड़ अनुरक्षण कार्य के बाद भी नहर पटरियों की हालत खराब
सशक्त न्यूज नेटवर्क
रायबरेली। जिले की सबसे बड़ी शारदा सहायक नहर के अनुरक्षण कार्य पर सिंचाई विभाग के अफसर गंभीर नहीं है। यह हाल तब है, जब पटरियों और कुलाबों की मरम्मत के नाम पर एक करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए। इसके बावजूद जगह-जगह पटरियां जर्जर और झाड़ियां उगी हैं। अफसर इसको लेकर गंभीर नहीं है। यदि कभी कटान हो गई, तो खेतों में तबाही आ सकती है।
शारदा सहायक नहर की जिले में लंबाई 74 किमी है। इसमें अधिकतम पानी छोड़ने की क्षमता 6700 क्यूसेक है। संवेदनशील इस नहर की रख रखाव के लिए खास फोकस रहता है। यदि पटरी की कटान हो जाए, कई गांवों में तबाही आ सकती है। इसके रखरखाव के लिए हर साल करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। इस नहर से एनटीपीसी के अलावा 150 से ज्यादा रजबहों व माइनरों में पानी पहुंचता है। शारदा सहायक नहर की पटरियों और इनसे निकले कुलाबों की मरम्मत के लिए इस साल एक करोड़ रुपये खर्च किए गए।
बारिश में बही पटरियों की मरम्मत तक नहीं कराई गई। जगह-जगह उगी झाड़ियां इस बात का सबूत है कि अनुरक्षण कार्य में महज खानापूर्ति की गई। जगतपुर के रामशंकर, शिवलोचन, मनीष कुमार, हरिशंकर ने बताया कि पूरे सोनारन गांव के पास पटरी बहने से खाईं हो गई है। इससे जहां कभी नहर की पटरी कट सकती हैं।
बछरावां के रामकुमार, अशोक, विवेक, राजकुमार ने बताया कि कुलाबों की मरम्मत के औपचारिकता की गई। कंटीली झाड़ियों से पटरियां पटी है। सिंचाई खंड रायबरेली के अधिशासी अभियंता सुशील यादव ने बताया कि बजट के हिसाब से कुलाबों और पटरियों की मरम्मत कराई गई है। यदि कहीं मिट्टी कटी है, तो उसे ठीक कराया जाएगा।