सशक न्यूज नेटवर्क
रायबरेली (विशेष संवाददाता):
लालगंज कोतवाली क्षेत्र में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के दावों की पोल खोलती एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। डलमऊ रोड स्थित लालगंज बाईपास के पास 15 वर्षीय नाबालिक किशोरी लालती का क्षत-विक्षत शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। घटना के सामने आने के बाद स्थानीय पुलिस की लापरवाही और सुस्त रवैये को लेकर ग्रामीणों और परिजनों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।
क्या है पूरा मामला?
भवानीपुर की रहने वाली 15 वर्षीय किशोरी लालती (पुत्री राम मिलन) संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हुई थी, जिसके बाद उसका शव लालगंज बाईपास के पास पड़ा मिला। किशोरी के शरीर पर गंभीर चोटों और अंग-भंग के निशान मिलने से दुष्कर्म के बाद नृशंस हत्या की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस की भूमिका पर सवालिया निशान:
गश्त और सुरक्षा पर सवाल: लालगंज बाईपास जैसे मुख्य मार्ग और फ्लाई-ओवर के पास इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देकर आरोपी आसानी से फरार हो गए, जिससे पुलिस की रात्रि गश्त और चौकसी पर सीधा सवाल खड़ा होता है।
सूचना और त्वरित कार्रवाई में ढील: परिजनों का आरोप है कि घटना की भनक और शिकायत के बावजूद पुलिस का प्रारंभिक रवैया टालमटोल भरा रहा। यदि समय रहते कड़ाई से छानबीन की जाती तो शायद बिटिया की जान बचाई जा सकती थी।
अपराधियों में पुलिस का खौफ खत्म:
लगातार बढ़ रही इस तरह की दुस्साहसिक घटनाओं से साफ है कि बेखौफ अपराधी बेधड़क वारदातों को अंजाम दे रहे हैं और स्थानीय पुलिस केवल कागजी खानापूरी तक सीमित नजर आ रही है।
परिजनों में कोहराम, ग्रामीणों ने खोला मोर्चा:
पीड़ित परिवार बेहद गरीब पृष्ठभूमि से आता है, जिनके पिता मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। बेटी की दर्दनाक मौत की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। भारी संख्या में थाने पहुँचे ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी व्यक्त करते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है।
अब देखना यह होगा कि मामले की जांच में हीलाहवाली करने वाली पुलिस कब तक मुख्य आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज पाती है या फिर जांच के नाम पर केवल आश्वासन का खेल चलता रहेगा।

