सशक्त न्यूज नेटवर्क
लखनऊ: यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अयोध्या को लेकर सियासी पारा चढ़ने लगा है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक बार फिर चुनौती दी है। उन्होंने अयोध्या से चुनाव लड़ने को लेकर सीएम योगी पर तंज कसते हुए 45 दिनों में असर दिखने का दावा किया है। उनके इस बयान से प्रदेश की सियासत में नई बहस छिड़ गई है।
अखिलेश यादव लगातार भाजपा को पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) के मुद्दे पर घेर रहे हैं। अयोध्या को लेकर दिए गए उनके बयान को भी इसी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। सपा प्रमुख का कहना है कि भाजपा को अयोध्या में राजनीतिक चुनौती देने के लिए उनकी पार्टी तैयार है।
अयोध्या को लेकर आमने-सामने हैं दोनों नेता
अयोध्या से चुनाव लड़ने के मुद्दे पर अखिलेश यादव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच पहले भी बयानबाजी हो चुकी है। सीएम योगी ने अखिलेश को उनके खिलाफ चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी। इसके बाद सपा प्रमुख ने भी पलटवार करते हुए भाजपा को घेरने का प्रयास किया।
2027 से पहले तेज हुई सियासी बयानबाजी
यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा और सपा के बीच जुबानी जंग तेज हो रही है। अयोध्या दोनों दलों के लिए सियासी लिहाज से अहम है। राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या का मुद्दा प्रदेश की राजनीति में लगातार चर्चा में रहा है। ऐसे में अखिलेश यादव का ताजा बयान चुनाव से पहले भाजपा पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस चुनौती पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

