आर्थिक तंगी से जूझते रहे आनंद, फिर भी नहीं छोड़ी सेवा की राह, गांव-गांव पहुंचा रहे योग का संदेश

सशक्त न्यूज नेटवर्क
रायबरेली : आर्थिक अभाव अक्सर लोगों के हौसले तोड़ देते हैं, लेकिन डलमऊ के बरारा बुजुर्ग निवासी आनंद ने विपरीत परिस्थितियों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। जीवनभर आर्थिक तंगी से संघर्ष करने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और समाजसेवा को ही अपना संकल्प बना लिया।

आनंद वर्षों से गांव के बच्चों और ग्रामीणों को निशुल्क योग का प्रशिक्षण दे रहे हैं। सुबह-शाम वह लोगों को विभिन्न योगासन सिखाने के साथ उनके स्वास्थ्य संबंधी लाभों की जानकारी भी देते हैं। उनका मानना है कि स्वस्थ शरीर और सकारात्मक सोच से ही बेहतर समाज का निर्माण संभव है।

संसाधनों के अभाव के बावजूद आनंद का उत्साह कम नहीं हुआ। वह बिना किसी शुल्क के लोगों को योग के प्रति जागरूक कर रहे हैं। उनकी प्रेरणा से कई बच्चे और बुजुर्ग नियमित योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना चुके हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि आनंद ने न केवल लोगों को योग सिखाया, बल्कि उन्हें स्वस्थ जीवन जीने की राह भी दिखाई है। आर्थिक कठिनाइयों के बीच भी दूसरों के जीवन में खुशियां और स्वास्थ्य बांटने का उनका जज्बा क्षेत्र के लोगों के लिए प्रेरणा बना हुआ है।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भी आनंद ने बच्चों और ग्रामीणों के साथ सामूहिक योगाभ्यास कराया और नियमित योग अपनाने का संदेश दिया। ग्रामीणों का कहना है कि सीमित साधनों के बावजूद समाज के प्रति उनकी निस्वार्थ सेवा वास्तव में अनुकरणीय है।

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