एसपी कार्यालय में नेताओं-विधायकों से कथित मारपीट पर भड़के सपाई, शहर कोतवाल समेत पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर धरना
रायबरेली। फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज में समाजवादी छात्र सभा और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं के बीच हुए विवाद ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। गुरुवार को एसपी कार्यालय में सपा नेताओं और विधायकों की पुलिसकर्मियों से हुई झड़प के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है। शहर कोतवाल शिव शंकर सिंह समेत अन्य पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर सपा नेता और विधायक धरने पर बैठे हैं। इसी बीच सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव ने बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 21 और 22 सितंबर को रायबरेली आएंगे। उनके दौरे को मौजूदा घटनाक्रम से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
गुरुवार को फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज में छात्र संगठनों के बीच विवाद के बाद सपा नेता और कार्यकर्ता एसपी कार्यालय पहुंचे थे। वहां पुलिस अधिकारियों के साथ बातचीत के दौरान मामला गरमा गया। सपा नेताओं का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अभद्रता करते हुए मारपीट की। इसमें पार्टी के नेताओं और विधायकों के साथ भी धक्का-मुक्की किए जाने का आरोप लगाया गया है। घटना के बाद बड़ी संख्या में सपाई एसपी कार्यालय के बाहर जुट गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
सपा नेताओं का कहना है कि छात्र विवाद में पुलिस की कार्रवाई एकतरफा रही। इसी को लेकर पार्टी नेताओं ने पुलिस अधिकारियों से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की थी। बातचीत के दौरान विवाद बढ़ने के बाद मामला हाथापाई तक पहुंच गया। सपाइयों ने शहर कोतवाल समेत संबंधित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई होने तक धरना जारी रखने की बात कही है।
अखिलेश के दौरे की सूचना से बढ़ी हलचल
सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 21 और 22 सितंबर को रायबरेली में रहेंगे। उनके आगमन की जानकारी मिलते ही पार्टी कार्यकर्ताओं में सक्रियता बढ़ गई है। माना जा रहा है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने पूरे घटनाक्रम को रखा जाएगा। हालांकि, अखिलेश यादव के दौरे का विस्तृत कार्यक्रम अभी पार्टी की ओर से सार्वजनिक नहीं किया गया है।
उधर, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। छात्र संगठनों के विवाद और एसपी कार्यालय में हुए घटनाक्रम के संबंध में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। मामले को लेकर शहर में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है और सपा कार्यकर्ताओं के धरने पर सभी की नजर है।
