सशक्त न्यूज नेटवर्क
लखनऊ: दिवाली पर घर लौटने का प्लान बना रहे हैं तो टिकट की टेंशन अभी से शुरू हो गई है। दिल्ली और मुंबई से लखनऊ आने वाली ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट लंबी होती जा रही है। हालत यह है कि दिल्ली से लखनऊ आने वाली कुछ ट्रेनों में सात नवंबर के लिए वेटिंग 260 के पार पहुंच गई है। इसके उलट दिवाली के बाद लखनऊ से दिल्ली और मुंबई लौटने वाली कई ट्रेनों में सीटें उपलब्ध हैं। यानी घर आने में मुश्किल और लौटने में राहत वाला हाल है।
दिल्ली से लखनऊ आना बना मुश्किल
दिवाली से पहले दिल्ली से लखनऊ आने वाली ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है। सात नवंबर को कई ट्रेनों में वेटिंग 260 से ऊपर चल रही है। ऐसे में त्योहार पर परिवार के साथ घर पहुंचने की तैयारी कर रहे लोगों के सामने कन्फर्म टिकट बड़ी चुनौती बन गया है।
वहीं, दिवाली के बाद लखनऊ से दिल्ली जाने वाली ट्रेनों में तस्वीर काफी अलग है। तेजस एक्सप्रेस की चेयरकार में नौ, 11 और 12 नवंबर को क्रमश: 457, 242 और 235 सीटें उपलब्ध हैं। एग्जीक्यूटिव क्लास में भी 79, 49 और 61 सीटें खाली हैं। वंदे भारत की चेयरकार में इन तारीखों पर 1148, 1009 और 1108 सीटें उपलब्ध बताई गई हैं। शताब्दी और हमसफर में भी सीटें मिल रही हैं।
मुंबई रूट पर भी घर वापसी का संकट
मुंबई से लखनऊ आने वालों की परेशानी भी कम नहीं है। त्योहार से पहले मुंबई-लखनऊ रूट की ट्रेनों में वेटिंग 150 के पार पहुंच चुकी है। हालांकि, दिवाली के बाद गोमतीनगर से मुंबई जाने वाली पुष्पक एक्सप्रेस में नौ और 10 नवंबर को स्लीपर में क्रमश: 28 और 53 सीटें उपलब्ध हैं। थर्ड एसी में भी सीटें खाली हैं।
फ्लाइट से आना भी जेब पर पड़ेगा भारी
ट्रेन में टिकट न मिलने पर विमान का विकल्प है, लेकिन यहां भी किराया यात्रियों को परेशान कर सकता है। त्योहार से पहले मुंबई से लखनऊ आने वाली इंडिगो की उड़ान का किराया करीब 19,396 रुपये तक पहुंच गया है। दिल्ली से लखनऊ आने वाली उड़ानों में भी किराया करीब 7,420 रुपये तक बताया गया है। इसके मुकाबले दिवाली के बाद लखनऊ से दिल्ली की कुछ उड़ानों का किराया करीब 5,200 रुपये के आसपास है।
स्पेशल ट्रेनों से मिल सकती है राहत
त्योहारी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने कई रूटों पर स्पेशल ट्रेनें चलाने की भी घोषणा की है। दिल्ली, आनंद विहार और अन्य स्टेशनों से यूपी-बिहार के लिए अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जा रही हैं। हालांकि, यात्रियों की भारी मांग को देखते हुए टिकट बुकिंग में देरी परेशानी बढ़ा सकती है।
सीधी बात: दिवाली पर घर जाने वालों के लिए असली परीक्षा ‘टिकट मिलेगा या नहीं’ की है। वापसी की सीटें अभी आसानी से मिल रही हैं, लेकिन घर आने वाली ट्रेनों में वेटिंग देखकर यात्रियों की चिंता बढ़ गई है।
