आपकी रसोई की हल्दी सुरक्षित या जहरीली? नई स्टडी में हुआ बड़ा खुलासा, बाजार पहुंचते ही बढ़ जाता है ‘Lead’ का खतरा

सशक्त न्यूज नेटवर्क
दिल्ली: Turmeric Lead Study: भारतीय रसोई का सबसे जरूरी मसाला हल्दी (Turmeric) अब एक नई स्टडी के कारण चर्चा में है। रिपोर्ट राहत भी देती है और चिंता भी बढ़ाती है। राहत की बात यह है कि खेतों में उगाई जाने वाली कच्ची हल्दी सुरक्षित पाई गई है, लेकिन चिंता इस बात की है कि बाजार तक पहुंचते-पहुंचते इसमें खतरनाक धातु सीसा (Lead) मिल जाता है।

थिंक टैंक Toxics Link की रिपोर्ट ‘Lead in Turmeric’ के अनुसार, खेतों से सीधे लिए गए कच्ची हल्दी के सभी नमूनों में सीसे की मात्रा सुरक्षित सीमा के भीतर मिली। जांच में लेड का स्तर 0.05 से 1.87 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम के बीच पाया गया, जबकि भारतीय खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार इसकी अधिकतम स्वीकार्य सीमा 10 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम है।
श्रोत- इंटरनेट मीडिया

बाजार तक पहुंचते ही कैसे बढ़ जाता है खतरा?
रिपोर्ट के मुताबिक, हल्दी में अधिक मात्रा में सीसा खेत में नहीं बल्कि कटाई के बाद प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, हैंडलिंग या जानबूझकर की जाने वाली मिलावट के दौरान पहुंचता है। यही वजह है कि बाजार में बिकने वाले कुछ हल्दी पाउडर में लेड का स्तर कई गुना अधिक पाया गया।

पहले की रिपोर्टों ने बढ़ाई थी चिंता
टॉक्सिक्स लिंक के सीनियर प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर पीयूष महापात्रा ने बताया कि पहले हुई विभिन्न जांचों में बाजार में बिकने वाले हल्दी पाउडर में 127 से 1245 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम तक लेड पाया गया था। इसके बाद यह जानने के लिए अध्ययन किया गया कि आखिर हल्दी में सीसा कहां से आ रहा है।

क्या कहती है स्टडी?
नई स्टडी का निष्कर्ष यह है कि खेतों में उगने वाली हल्दी स्वाभाविक रूप से सुरक्षित है, लेकिन उपभोक्ताओं तक पहुंचने की प्रक्रिया में उसकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि मिलावट और असुरक्षित प्रोसेसिंग पर सख्त निगरानी जरूरी है, ताकि लोगों की थाली तक सुरक्षित हल्दी पहुंचे।

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