रायबरेली में मृत महिला को 12 घंटे वेंटिलेटर पर रखने का आरोप, अस्पताल सील

सशक्त न्यूज नेटवर्क
रायबरेली। एक निजी अस्पताल पर मृत महिला को करीब 12 घंटे तक वेंटिलेटर पर रखकर 56 हजार रुपये वसूलने का गंभीर आरोप लगा है। परिजनों के हंगामे के बाद प्रशासन ने नवजीवन अस्पताल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है। पुलिस ने अस्पताल संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

लालगंज कोतवाली के मटेहना निवासी सीमा (34) गत सोमवार को अपने देवर रंजीत के साथ मायके से लौटते समय बाइक से गिरने से घायल हो गई थीं। उन्हें पहले सीएचसी और फिर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर एम्स रेफर किया गया था। हालांकि, एक निजी एंबुलेंस चालक ने उन्हें एम्स के बजाय नवजीवन अस्पताल पहुंचा दिया। परिजनों का आरोप है कि सोमवार रात में ही सीमा की मौत हो गई थी, लेकिन अस्पताल ने उन्हें वेंटिलेटर पर रखकर इलाज के नाम पर 56 हजार रुपये वसूले।

उन्हें मरीज से मिलने भी नहीं दिया गया। मंगलवार दोपहर करीब चार बजे परिजनों को आशंका हुई तो उन्होंने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर कोतवाली और मिलएरिया पुलिस के साथ एसीएमओ अंबिका प्रकाश की टीम मौके पर पहुंची। जांच में महिला मृत पाई गई, लेकिन उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था।

अस्पताल सील और अन्य मरीजों का स्थानांतरण
जांच टीम ने पाया कि महिला की मौत के बाद भी उसे करीब 12 घंटे तक वेंटिलेटर पर रखा गया था। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल संचालक शैलेश श्रीवास्तव की पिटाई कर दी, हालांकि पुलिस ने उन्हें बचा लिया। जांच के बाद एसीएमओ ने नर्सिंगहोम में भर्ती तीन अन्य मरीजों को दूसरे अस्पतालों में स्थानांतरित कराया। इसके बाद नवजीवन अस्पताल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।

संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
मृत सीमा की बहन मीना ने मिलएरिया थाने में अस्पताल संचालक के खिलाफ तहरीर दी है। उन्होंने संचालक पर धोखाधड़ी और लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। मिलएरिया एसओ संजय कुमार ने बताया कि मौके पर पहुंचकर स्थिति को शांत कराया गया है। तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की जा रही है।

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