सशक्त डिजिटल न्यूज नेटवर्क दिल्ली:
इजराइल जा रही एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान के दौरान आसमान में उस वक्त बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब कॉकपिट के भीतर ही दो पायलटों के बीच अचानक हिंसक झड़प शुरू हो गई। इस दौरान चाकूबाजी (स्टैबिंग) तक की नौबत आ गई, जिससे विमान में सवार सैकड़ों यात्रियों की जान जोखिम में पड़ गई थी। हालांकि, विमान में मौजूद भारतीय मूल के कैप्टन ने अद्भुत सूझबूझ, अदम्य साहस और त्वरित कार्रवाई का परिचय देते हुए स्थिति पर काबू पाया और एक बड़े विमान हादसे को टाल दिया।
कॉकपिट में अचानक हुआ विवाद
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तेल अवीव (इजराइल) जा रही इस उड़ान के दौरान कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। विवाद इतना बढ़ गया कि एक पायलट ने दूसरे पर धारदार वस्तु से हमला कर दिया। कॉकपिट के भीतर अचानक उत्पन्न इस आपातकालीन स्थिति से विमान का संतुलन और सुरक्षा दोनों खतरे में पड़ गए थे।
भारतीय कैप्टन की जांबाजी से बची जान
कॉकपिट में मचे इस घमासान और हमले के बीच भारतीय कैप्टन ने बिना समय गंवाए हस्तक्षेप किया। उन्होंने न केवल हमलावर को काबू में किया और स्थिति को नियंत्रित किया, बल्कि घायल साथी की स्थिति को संभालते हुए तुरंत एटीसी (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) से संपर्क साधा।
कैप्टन ने संकट की घड़ी में बेहद शांत रहकर विमान की कमान संभाली और नजदीकी हवाई अड्डे पर सुरक्षित आपातकालीन लैंडिंग (Emergency Landing) कराई। लैंडिंग के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने उपद्रवी पायलट को हिरासत में ले लिया और घायल व्यक्ति को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।
हर तरफ हो रही भारतीय कैप्टन की सराहना
हजारों फीट की ऊंचाई पर कॉकपिट के अंदर हुए इस जानलेवा हमले के बावजूद भारतीय कैप्टन द्वारा दिखाए गए पेशेवर रवैये और साहस की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना हो रही है। यदि समय रहते भारतीय कैप्टन स्थिति को न संभालते, तो यह घटना एक गंभीर विमान दुर्घटना का रूप ले सकती थी। फिलहाल संबंधित उड्डयन प्राधिकरणों ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

