दिल्ली की संजय लेक में भीषण गर्मी से सैकड़ों मछलियां मरीं, झील बनी कब्रिस्तान

सशक्त न्यूज नेटवर्क
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है, जहां तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। इस प्रचंड गर्मी का असर अब शहर की झीलों पर भी दिखने लगा है। पूर्वी दिल्ली के त्रिलोकपुरी स्थित संजय लेक में सैकड़ों मछलियां मृत पाई गई हैं, जिससे झील मछलियों के कब्रिस्तान में तब्दील हो गई है।

पानी की सतह पर सैकड़ों मृत मछलियां तैरती हुई देखी जा रही हैं। लंबे समय से चल रही भीषण गर्मी ने झील के पर्यावरण को बुरी तरह प्रभावित किया है। तापमान में लगातार वृद्धि के कारण झील के पानी में ऑक्सीजन की कमी हो गई है। यह कमी जलीय जीवों, विशेषकर मछलियों के लिए घातक साबित हुई है। संजय लेक का यह हाल दिल्ली में बढ़ते तापमान के गंभीर परिणामों को उजागर करता है। शहर की अन्य झीलें भी इसी तरह के खतरे का सामना कर सकती हैं। इस घटना ने स्थानीय निवासियों और पर्यावरणविदों को चिंतित कर दिया है। वे इस स्थिति पर तत्काल ध्यान देने की मांग कर रहे हैं। यह स्थिति पर्यावरण संतुलन के लिए एक चेतावनी है।

गर्मी का कहर और ऑक्सीजन की कमी
दिल्ली में इन दिनों तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है। आसमान से बरसती आग जैसी गर्मी ने शहर के जल निकायों को भी अपनी चपेट में ले लिया है। संजय लेक में पानी का तापमान बढ़ने से उसमें घुलित ऑक्सीजन की मात्रा तेजी से घटी है। मछलियों को जीवित रहने के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है, जिसके परिणामस्वरूप उनकी बड़े पैमाने पर मौत हुई है। यह स्थिति जलीय जीवन के लिए एक गंभीर खतरा है।

झील के पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव
संजय लेक में मछलियों की मौत ने झील के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना दर्शाती है कि अत्यधिक गर्मी जलीय जीवन के लिए कितनी विनाशकारी हो सकती है। झील का पानी प्रदूषित होने और जलीय संतुलन बिगड़ने का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय प्रशासन को इस स्थिति का आकलन कर आवश्यक कदम उठाने की जरूरत है।

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