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महाकवि निराला की स्मृति में आयोजित भव्य आयोजन में देशभर के साहित्यकार होंगे सम्मानित
सशक्त न्यूज नेटवर्क
डलमऊ।
रायबरेली जनपद की पावन एवं ऐतिहासिक नगरी डलमऊ, जिसे “छोटी काशी” के नाम से भी विख्यात है, यहां एक बार फिर साहित्य और आध्यात्म के अद्भुत समागम की साक्षी बनने जा रही है। महाकवि सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की पुण्य स्मृति में “निराला महोत्सव 2026” के अंतर्गत 29 मार्च, रविवार को भव्य साहित्यकार सम्मान समारोह एवं ग्रंथ विमोचन कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
यह गरिमामय आयोजन निराला स्मृति संस्थान (पंजीकृत), निराला स्मारक पार्क, तहसील के सामने, डलमऊ में संपन्न होगा, जहां साहित्य साधना और सनातन आध्यात्मिक परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।कार्यक्रम के अंतर्गत प्रथम सत्र प्रातः 11:00 बजे से प्रारंभ होगा, जिसमें साहित्यकार सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा।
द्वितीय सत्र अपराह्न एक बजे से आरंभ होकर ग्रंथ विमोचन एवं काव्य पाठ के रूप में आगे बढ़ेगा, जिसमें देशभर से आए विद्वान साहित्यकार अपनी रचनाओं से वातावरण को भावविभोर करेंगे।समारोह में विभिन्न प्रतिष्ठित सम्मानों से विभूषित किए जाने वाले साहित्यकारों में डॉ. शिवकरण शुक्ल (पूर्व कुलपति, छत्तीसगढ़), पवन कुमार सिंह (सुल्तानपुर), डॉ. सुरंगमा यादव (लखनऊ), सुश्री काजल सिंह (आल्हा गायिका, सेंती), मो. अकरम (प्रयागराज), बंवर कुणाल (कानपुर), श्री अनिल कुमार नित्य (प्रतापगढ़), प्रो. अविनाश सिंह (प्रोफेसर, तेजगढ़), श्री रमेश भारतीय (लखनऊ) तथा श्री अंजनी कुमार सिंह (लालगंज) प्रमुख हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महामंडलेश्वर स्वामी देवेन्द्रानंद गिरि जी महाराज (सनातन धर्मपीठ, बड़ा मठ, डलमऊ-रायबरेली) करेंगे, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में दानवीर ठाकुर सुरेंद्र बहादुर सिंह (पूर्व विधायक, सलोन) की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। अति विशिष्ट अतिथि के रूप में स्वामी भास्कर स्वप्न जी महाराज (पूज्य संत, रायबरेली) एवं वरिष्ठ साहित्यकारों का सान्निध्य प्राप्त होगा।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. आजेंद्र प्रताप सिंह द्वारा किया जाएगा, जिनके अनुसार यह आयोजन न केवल साहित्यकारों के सम्मान का अवसर है, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक परंपरा और साहित्यिक धरोहर के संरक्षण का एक महत्वपूर्ण प्रयास भी है।
आयोजन में स्वामी देवेंद्रानंद गिरि जी महाराज (संरक्षक), स्वामी गीतानंद गिरि जी महाराज (सचिव), स्वामी दिव्यानंद जी महाराज (अध्यक्ष), ललित भारतीय (उपाध्यक्ष), रामनिवास ‘पंथी’ (संयोजक सचिव), डॉ. आजेंद्र प्रताप सिंह (संयोजक मंत्री) एवं दिनेश कुमार यादव (एडवोकेट, विधिक सलाहकार) की सक्रिय भूमिका सराहनीय है।
डलमऊ की आध्यात्मिक भूमि पर आयोजित यह भव्य साहित्यिक महोत्सव न केवल महाकवि निराला की सृजनधर्मिता को स्मरण कराने वाला है, बल्कि नई पीढ़ी को साहित्य और संस्कृति से जोड़ने की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल भी सिद्ध होगा। इस आशय की जानकारी डॉ. प्रो. आजेंद्र प्रताप सिंह ने देते हुए अधिकाधिक साहित्यप्रेमियों से कार्यक्रम में सहभागिता की अपील की है।