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भारत में आज एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना देखने को मिलेगी, जब चंद्रग्रहण लगेगा।
लखनऊ। भारत में आज एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना देखने को मिलेगी, जब चंद्रग्रहण लगेगा। यह चंद्रग्रहण दोपहर तीन बजकर बीस मिनट पर शुरू होकर शाम छह बजकर छियालीस मिनट पर समाप्त होगा। ग्रहण की कुल अवधि तीन घंटे सत्ताईस मिनट रहेगी।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण से पहले सूतक काल का विशेष महत्व होता है। सूतक काल सुबह छह बजकर बीस मिनट से ही शुरू हो गया है। इस अवधि में मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और पूजा-पाठ जैसे शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को इस दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। कई लोग सूतक काल में भोजन पकाने और खाने से भी परहेज करते हैं। ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान कर शुद्धिकरण किया जाता है। इसके उपरांत दान-पुण्य करने का भी विधान है।
ग्रहण का समय और प्रभाव
चंद्रग्रहण दोपहर तीन बजकर बीस मिनट पर शुरू होगा। यह शाम छह बजकर छियालीस मिनट तक चलेगा। इस प्रकार, ग्रहण की कुल अवधि तीन घंटे सत्ताईस मिनट होगी। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चंद्रग्रहण का विभिन्न राशियों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ता है।