युवक ने विधवा महिला से रचाई शादी, चार बच्चों को मिला सहारा
सशक्त न्यूज नेटवर्क
बाराबंकी। जिंदगी जब अचानक खालीपन दे जाती है, तब सहारा ही सबसे बड़ी ताकत बनता है। थाना लोनीकटरा क्षेत्र में बुधवार को कुछ ऐसा ही मानवीय और सकारात्मक दृश्य देखने को मिला, जब हालात से जूझ रहे दो परिवारों ने एक-दूसरे का हाथ थामकर नई शुरुआत का फैसला किया। विधवा महिला और तीन बच्चों के विधुर पिता ने समाज और ग्रामीणों की मौजूदगी में विवाह कर लिया।
तेजवापुर पंचायत के मजरे बद्दापुर निवासी कमलेश (45) की पत्नी का आठ माह पहले निधन हो गया था। पत्नी के जाने के बाद घर की जिम्मेदारी और तीन बच्चों की परवरिश अकेले उन्हीं के कंधों पर आ गई। वहीं, इसी पंचायत की लज्जावती (40) भी दो साल पहले पति को खो चुकी थीं और एक बच्चे का पालन-पोषण अकेले कर रही थीं।
दुख की इस साझा पीड़ा ने दोनों को करीब लाया और बातचीत के दौरान बच्चों के भविष्य को लेकर आपसी समझ बनी। कुछ दिन पहले दोनों के अचानक गांव से चले जाने पर लज्जावती के ससुर ने बच्चों की चिंता में पुलिस से शिकायत की थी। मंगलवार को दोनों थाना लोनीकटरा पहुंचे और स्पष्ट किया कि वे आपसी सहमति से साथ रहना चाहते हैं।
इसके बाद समाज के जिम्मेदार लोगों और ग्रामीणों की मौजूदगी में सहमति बनी और विवाह संपन्न कराया गया। इस अवसर पर दोनों पक्षों के परिजन और बच्चे भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस नए रिश्ते को सहर्ष स्वीकार किया। थानाध्यक्ष अभय कुमार मौर्य ने बताया कि उन्हे आधिकारिक जानकारी नहीं है। विवाह आपसी सहमति और सामाजिक सहकार से संपन्न हुआ होगा।