गजब! किसान की मासिक आय महज 5 रुपये, सालाना 60 रुपये का प्रमाण पत्र जारी
महोली तहसील में लेखपाल की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, 15 दिन बाद भी नहीं सुधरी गलती
सीतापुर। सरकारी कागजों में एक किसान को ऐसा गरीब बना दिया गया कि उसकी मासिक आय महज पांच रुपये और सालाना आय सिर्फ 60 रुपये दर्ज कर दी गई। आय प्रमाण पत्र में हुई इस हैरान करने वाली गड़बड़ी ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला महोली तहसील क्षेत्र के बड़ागांव का है, जहां लेखपाल आनंद मोहन पर लापरवाही बरतने के आरोप लग रहे हैं।
महीने की कमाई पांच रुपये, साल भर में सिर्फ 60 रुपये!
जानकारी के मुताबिक, किसान के आय प्रमाण पत्र में उसकी श्रेणी मजदूर दर्शाई गई है। इसके साथ ही उसकी मासिक आय पांच रुपये दर्ज करते हुए सालाना आय महज 60 रुपये का प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। सवाल यह है कि आखिर आय प्रमाण पत्र जारी करते समय तथ्यों का सत्यापन किस आधार पर किया गया और इतनी बड़ी विसंगति अधिकारियों की नजर से कैसे चूक गई?
15 दिन बीते, लेकिन गलती जस की तस
मामले में सबसे गंभीर पहलू यह है कि आरोपों के मुताबिक, प्रमाण पत्र में सुधार के लिए 15 दिन बीत जाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका है। सरकारी दस्तावेज में दर्ज गलत जानकारी किसान के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। इसके बावजूद प्रमाण पत्र दुरुस्त नहीं होने से संबंधित व्यवस्था की जवाबदेही पर सवाल उठ रहे हैं।
अब जिम्मेदारों से जवाब मांग रहा मामला
बड़ागांव का यह मामला केवल एक प्रमाण पत्र में हुई गलती तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी सवाल खड़ा करता है कि आम नागरिकों के जरूरी दस्तावेज तैयार करते समय कितनी सावधानी बरती जा रही है। लेखपाल आनंद मोहन पर लगे आरोपों के बीच अब संबंधित राजस्व अधिकारियों की भूमिका भी अहम हो जाती है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले का संज्ञान लेकर किसान का आय प्रमाण पत्र कब तक सही कराता है और कथित लापरवाही की जांच कर जिम्मेदारी तय की जाती है या नहीं।

