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लखनऊ
रायबरेली में आग से सत्रह किसानों की गेहूं की फसल जली, अधिकारी नहीं पहुंचे
सशक्त न्यूज नेटवर्क
रायबरेली। डलमऊ के मधुकर पुर गांव के पास शुक्रवार को अज्ञात कारणों से लगी आग ने सत्रह किसानों की गेहूं की फसल को पूरी तरह जलाकर राख कर दिया। इस भीषण अग्निकांड से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। हैरानी की बात यह है कि आग लगने के बाद भी कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
आग की चपेट में सत्य नारायण, कृष्ण कुमार, प्रिंशू, जमुना, जग्गू, बाला, राजकुमार, सरोज, मुंशी, कंधई, शीतल दिन, नंद किशोर, शंकर, मुकेश, छेदी, संतोष नाई और रज्जन नाई की फसलें आईं। इन सभी सत्रह किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। स्थानीय लोगों ने तुरंत आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि उसे नियंत्रित करना मुश्किल हो गया। तब तक काफी नुकसान हो चुका था। डलमऊ तहसील अध्यक्ष अजमेर सिंह ने घटना स्थल का दौरा किया। उन्होंने पीड़ित किसानों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। अजमेर सिंह ने प्रशासन से तत्काल सहायता प्रदान करने की मांग की।
किसानों को भारी नुकसान
आग लगने से किसानों की कई एकड़ गेहूं की फसल बर्बाद हो गई। यह फसल कटाई के लिए तैयार थी, जिससे किसानों को दोहरी मार पड़ी है। किसानों का कहना है कि इस बड़े नुकसान से उबरना उनके लिए बेहद मुश्किल होगा। उन्होंने सरकार से तत्काल मुआवजा और सहायता राशि की अपील की है।
प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल
स्थानीय लोगों और किसानों ने प्रशासन की उदासीनता पर गहरा रोष व्यक्त किया है। उनका आरोप है कि आग लगने की सूचना के बावजूद कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। तहसील अध्यक्ष अजमेर सिंह ने भी अधिकारियों के इस रवैये पर चिंता जताई। उन्होंने पीड़ितों को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।