सशक्त न्यूज नेटवर्क
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा ‘खेला’ हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर मचे सियासी घमासान के बीच निर्वाचन आयोग (ECI) ने बड़ा फैसला सुना दिया है। आयोग ने ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले दोनों गुटों के लिए नए अस्थाई नाम और चुनाव चिह्न अलॉट कर दिए हैं।
दिलचस्प बात यह है कि कभी ‘जोड़ा फूल’ (दो फूल और घास) के निशान पर चुनाव लड़ने वाली ममता बनर्जी की नई पार्टी अब मैदान में ‘फुटबॉलर’ (फुटबॉल खिलाड़ी) के सिंबल पर गोल दागती नजर आएगी।
ममता बनर्जी को मिला ‘फुटबॉलर’, क्या थे विकल्प?
चुनाव आयोग के अंतरिम आदेश के बाद ममता गुट ने सुबह 11 बजे तक आयोग के सामने अपनी पसंद के नाम और चुनाव चिह्नों के विकल्प रखे थे। ममता खेमे की तरफ से जिन सिंबल्स की मांग की गई थी, उनमें क्रिकेट बैट और बिना गेंद वाला फुटबॉलर शामिल था।
आयोग ने ममता गुट के लिए ‘ममता अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिह्न मंजूर कर लिया है।
ममता गुट ने दिए थे ये 3 नाम:
अखिल भारतीय तृणमूल ममता कांग्रेस
अखिल भारतीय ममता तृणमूल कांग्रेस
ममता तृणमूल कांग्रेस
क्यों पड़ी नए नाम और सिंबल की जरूरत?
यह पूरा मामला आगामी उपचुनावों से जुड़ा है। पश्चिम बंगाल की हाई-प्रोफाइल नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों के अलावा असम की नगांव संसदीय सीट पर 6 अक्तूबर को वोटिंग होनी है।
पार्टी के भीतर दो गुट बनने के बाद चुनाव आयोग ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में 14 पन्नों का अंतरिम आदेश जारी किया था।
इसमें:
मूल पार्टी ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ के नाम और सिंबल (‘जोड़ा फूल’) के इस्तेमाल पर फिलहाल रोक लगा दी गई है।
दोनों गुटों को अस्थाई नाम और फ्री सिंबल्स की लिस्ट से नया निशान चुनने को कहा गया ताकि दोनों पक्षों को चुनाव में बराबरी का मौका मिल सके।
अंतिम फैसला आने तक यही रहेगी व्यवस्था
चुनाव आयोग ने साफ किया है कि यह एक अंतरिम व्यवस्था (Interim Arrangement) है, जिससे दोनों गुटों के अधिकार और हित सुरक्षित रहें। जब तक पार्टी के असली मालिकाना हक पर आयोग का अंतिम फैसला नहीं आ जाता, तब तक दोनों गुट इन्हीं नए नाम और चुनाव चिह्नों के साथ चुनावी मैदान में उतरेंगे।
अब देखना दिलचस्प होगा कि नंदीग्राम के सियासी अखाड़े में ‘फुटबॉलर’ का निशान ममता बनर्जी के लिए कितना लकी साबित होता है!
