सशक्त न्यूज नेटवर्क
85 हजार रुपये की रिश्वत लेते खनन अधिकारी और संविदा लिपिक गिरफ्तार, दफ्तर और आवास से करीब 71 लाख रुपये नकद बरामद
शामली। खनन विभाग के एक अधिकारी के ठिकाने पर विजिलेंस की कार्रवाई में नकदी देखकर अफसर भी हैरान रह गए। अलमारी खोली गई तो कपड़ों के बीच नोटों की गड्डियां करीने से रखी मिलीं। कहीं बैगों में नकदी भरी थी तो कहीं नोटों के बंडल सजे हुए थे। दफ्तर और आवास से बरामद करीब 71 लाख रुपये की गिनती करते-करते अधिकारियों के हाथ थक गए। आखिरकार नोट गिनने की मशीन मंगानी पड़ी।
जिला खनन अधिकारी सुधाकर सिंह और संविदा लिपिक सद्दाम को 85 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया। आरोप है कि खनन पट्टे से जुड़ी फाइल आगे बढ़ाने के लिए रिश्वत की मांग की गई थी। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया और रकम लेते ही दोनों को पकड़ लिया।
दफ्तर से आठ लाख, आवास में 63 लाख
कार्रवाई के बाद विजिलेंस टीम ने खनन अधिकारी के कार्यालय की तलाशी ली। यहां करीब आठ लाख रुपये नकद मिले। इसके बाद सरकारी आवास की तलाशी शुरू हुई तो करीब 63 लाख रुपये और बरामद हो गए। बड़ी मात्रा में नकदी मिलने से टीम की कार्रवाई और लंबी हो गई।
कपड़ों के बीच नोटों के बंडल
आवास की अलमारियों की तलाशी के दौरान नकदी रखने का तरीका भी चर्चा में आ गया। एक अलमारी में कपड़ों के साथ नकदी से भरे बैग रखे मिले, जबकि दूसरी में नोटों की गड्डियां कपड़ों की तरह व्यवस्थित थीं। बरामद रकम में बड़ी संख्या 500 रुपये के नोटों की बताई गई।
हाथों से गिनना मुश्किल हुआ तो मंगाई मशीन
बरामद रकम को थाने लाने के बाद उसकी गिनती शुरू हुई। नकदी इतनी अधिक थी कि अधिकारियों को हाथ से नोट गिनने में काफी समय लग गया। इसके बाद बैंक से नोट गिनने वाली मशीन मंगाई गई। दो मशीनों की मदद से रकम की गिनती पूरी की गई।
अब नकदी के स्रोत की जांच
विजिलेंस टीम अब बरामद 71 लाख रुपये के स्रोत की जांच कर रही है। अधिकारी के पास इतनी बड़ी रकम कहां से आई और इसका रिश्वतखोरी से कोई संबंध है या नहीं, इसकी पड़ताल की जा रही है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।

