सशक्त न्यूज नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई जिलों में दीवारें ढहने, पेड़ और बिजली के पोल गिरने से हादसे हुए हैं। इन घटनाओं में अब तक 58 लोगों की मौत की सूचना है, जबकि 117 से अधिक मकानों को नुकसान पहुंचा है। प्रदेश के कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं।
शनिवार को प्रदेश के 10 जिलों में 200 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। बीते दो दिनों में राज्य में सामान्य से करीब 19 गुना अधिक बारिश हुई है। लगातार बारिश के कारण ग्रामीण और शहरी इलाकों में लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई स्थानों पर रास्तों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ है।
पहाड़ी इलाकों में बारिश-बर्फबारी से बढ़ी परेशानी
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी भारी बारिश और भूस्खलन से हालात बिगड़े हैं। उत्तराखंड के बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और रुद्रप्रयाग में स्कूल बंद कर दिए गए हैं। देहरादून समेत कई जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। धारचुला और किन्नौर के ऊंचाई वाले इलाकों में सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। खराब मौसम को देखते हुए चारधाम यात्रा रविवार तक रोक दी गई है।
ओडिशा के 13 जिलों में बाढ़
मूसलाधार बारिश से ओडिशा के 13 जिलों में बाढ़ के हालात बने हैं। निचले इलाकों से 70 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। हीराकुंड बांध के 16 गेट खोल दिए गए हैं। राहत और बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ समेत कई टीमें तैनात की गई हैं।
दिल्ली में भी बदला मौसम
पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी का असर दिल्ली-एनसीआर के मौसम पर भी पड़ा है। करीब 12 दिन बाद हुई बारिश से तापमान में गिरावट आई। दिल्ली का अधिकतम तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से काफी कम रहा। रविवार और सोमवार को भी बादल छाए रहने तथा कुछ इलाकों में हल्की बारिश की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

