सशक्त न्यूज नेटवर्क
डलमऊ। डीएम के निर्देश पर आवासीय पट्टा मिलने और तहसील प्रशासन की टीम द्वारा कब्जा दिलाए जाने के बावजूद रामकली अपनी जमीन पर कब्जा नहीं बचा सकीं। आरोप है कि राजस्व टीम के मौके से हटते ही प्रतिपक्षी ने दोबारा जमीन पर कब्जा कर लिया। पति की कैंसर से मौत के बाद मानसिक मंदित बेटे की परवरिश कर रहीं रामकली अब अपने आशियाने के लिए तहसील से कोतवाली तक चक्कर लगा रही हैं। उनका आरोप है कि घर से भगाने के लिए टीनशेड के सामने गोबर डाला जा रहा है।
पूरे महिमन शाह मजरे थुलरई की रामकली के पति की 2024 में कैंसर से मौत के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। मानसिक मंदित बेटे को अपनी किस्मत का फल मानकर उन्होंने उसकी परवरिश शुरू की। पति के जाने का दुख अभी कम भी नहीं हुआ था कि आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने उनके घर में आग लगा दी और जमीन पर कब्जा कर लिया। सिर छिपाने की जगह छिनने के बाद रामकली ने डीएम से गुहार लगाई।
डीएम के निर्देश पर तहसील प्रशासन ने आवासीय पट्टा किया और टीम भेजकर रामकली को जमीन पर कब्जा दिलाया। प्रशासनिक टीम की मौजूदगी में उन्हें लगा कि अब बेटे के साथ जिंदगी कट जाएगी, लेकिन टीम के लौटते ही फिर कब्जा होने का आरोप है।
रामकली का आरोप है कि उन्हें घर से भगाने के लिए टीनशेड के सामने गोबर डाल दिया जाता है। मामले को लेकर वह कई बार कोतवाली और तहसील प्रशासन में प्रार्थना पत्र दे चुकी हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
पति की मौत, बेटे की जिम्मेदारी और अब अपने ही आशियाने के लिए संघर्ष—रामकली की जिंदगी लगातार इम्तिहान बन गई है। उनकी मांग सिर्फ इतनी है कि जिस जमीन का पट्टा प्रशासन ने उनके नाम किया है, वहां उन्हें और उनके बेटे को सुरक्षित रहने दिया जाए। एसडीएम प्रीती सिंह ने बताया कि प्रार्थना पत्र मिला है जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

