प्रदेश सरकार ने 1.43 लाख शिक्षामित्रों और 24 हजार अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाया

सशक्त न्यूज नेटवर्क
लखनऊ। प्रदेश सरकार ने 1.43 लाख शिक्षामित्रों और 24 हजार अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि को स्वीकृति दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 31 मार्च को हुई कैबिनेट बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इस फैसले से इन कर्मियों का नौ साल का इंतजार खत्म हो गया है, और बढ़ा हुआ मानदेय एक अप्रैल से प्रभावी होगा।

बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह ने कैबिनेट के इस निर्णय की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिक्षामित्रों का मानदेय अब 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 18 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। यह मानदेय वर्ष 2017 में 10 हजार रुपये निर्धारित किया गया था। इसी प्रकार, अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय भी 9000 रुपये से बढ़ाकर 17 हजार रुपये प्रतिमाह किया गया है। यह वृद्धि एक अप्रैल से लागू होगी। मई में होने वाले वेतन भुगतान में इन कर्मियों को बढ़ा हुआ मानदेय मिलेगा। सरकार के इस कदम से प्रदेश के लाखों शिक्षाकर्मियों को बड़ी राहत मिलेगी। यह निर्णय शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत इन महत्वपूर्ण कर्मियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में सहायक होगा।

शिक्षामित्रों के मानदेय में आठ हजार रुपये की बढ़ोतरी की गई है। उनका मासिक मानदेय अब 18 हजार रुपये होगा, जो पहले 10 हजार रुपये था। अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय में भी आठ हजार रुपये की वृद्धि हुई है। उनका नया मासिक मानदेय 17 हजार रुपये होगा, जो पहले 9000 रुपये था। यह वृद्धि प्रदेश के शिक्षा विभाग में कार्यरत इन कर्मियों के लिए एक बड़ी राहत है।

मानदेय वृद्धि का यह निर्णय एक अप्रैल से प्रभावी माना जाएगा। इसका अर्थ है कि अप्रैल माह का बढ़ा हुआ मानदेय मई में मिलने वाले भुगतान में शामिल होगा। इस फैसले से कुल 1.43 लाख शिक्षामित्र और 24 हजार अनुदेशक सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। सरकार का यह कदम शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत इन कर्मियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करता है। इससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है।

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