सशक्त न्यूज नेटवर्क
रायबरेली। शहर के एक स्कूल के छात्र द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के पदाधिकारी जिलाधिकारी कार्यालय ज्ञापन देने पहुंचे। जिलाधिकारी के स्थान पर सिटी मजिस्ट्रेट ज्ञापन लेने आए, जिन पर संगठन के पदाधिकारियों ने अभद्रता का आरोप लगाया है। इस कथित अभद्रता से नाराज एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने सिटी मजिस्ट्रेट के कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया।
संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि सिटी मजिस्ट्रेट ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, जिससे वे सभी आहत हैं। एबीवीपी के सदस्यों ने स्पष्ट किया है कि जब तक सिटी मजिस्ट्रेट उनसे माफी नहीं मांगते, तब तक उन्हें कार्यालय से बाहर नहीं निकलने दिया जाएगा। यह घटना एक छात्र की आत्महत्या के मामले में न्याय की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपने के दौरान हुई।
संगठन इस मामले में दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग कर रहा है। पदाधिकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट के व्यवहार को अस्वीकार्य बताया। उन्होंने कहा कि एक जिम्मेदार अधिकारी से ऐसे आचरण की अपेक्षा नहीं की जाती। छात्र आत्महत्या का यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। संगठन का आरोप है कि सिटी मजिस्ट्रेट ने उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें अपमानित किया।
विरोध प्रदर्शन का कारण
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों का आरोप है कि सिटी मजिस्ट्रेट ने ज्ञापन लेने के दौरान उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इस व्यवहार से संगठन के सदस्य बेहद आहत हुए। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अपमान बताया। पदाधिकारियों ने कहा कि वे अपने छात्र हितों के लिए आवाज उठा रहे थे, लेकिन उन्हें सम्मान नहीं मिला।
एबीवीपी की मांग और आगे की रणनीति
एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने सिटी मजिस्ट्रेट से सार्वजनिक माफी की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक माफी नहीं मांगी जाती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। संगठन ने यह भी कहा कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन करेंगे। फिलहाल, सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय के बाहर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।

