यूपी के इस जनपद के आश्रम में शिक्षा, संस्कार के साथ बच्चों के स्वास्थ्य का रखा जाता है पूरा ध्यान
सशक्त न्यूज नेटवर्क रायबरेली।
भागीरथी के तट पर संचालित संस्कृत विद्यालय है, जनपद ही नहीं दूर दराज के जनपदों से आकर यहां शिक्षा अध्ययन कर रहे हैं। आश्रम में संतजन बच्चों का शिक्षा व संस्कारों के साथ आश्रम में पढ़ने वाले बच्चों के स्वास्थ्य का भी पूरा ख्याल रखते हैं।
ठंड के दस्तक देते ही सनातन धर्म पीठ में विभिन्न औषधियों से युक्त चवनप्राश का निर्माण शुरू हो गया है। आश्रम में बने चमनप्राश का सेवन यहां पढ़ने वाले बच्चों को कराया जाता है जिससे कि उन्हें मौसमी बीमारियों से बचाने के साथ-साथ सेहतमंद बनाया जा सके।
कई जनपदों से आकर यहां पढ़ते हैं बच्चे
सनातन धर्म पीठ में लखीमपुर खीरी , सीतापुर उन्नाव, अमेठी आदि जनपदों से आकर बच्चे संस्कृत भाषा में वेदों व कर्मकांडों का ज्ञान अर्जित कर रहे हैं।
दाल्भ्य पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी देवेंद्रानन्द गिरि ने बताया कि वर्तमान समय में 30 बच्चे आश्रम में रहकर अध्ययन कर रहे हैं। माता-पिता व परिवार के लोगों से सैकड़ों किलोमीटर दूर आश्रम में पढ़ रहे बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना हम सबका दायित्व है।
प्रतिवर्ष आश्रम में ठंड के मौसम में चमनप्राश के साथ-साथ अन्य उपयोगी औषधियों का निर्माण आयुर्वेद के अनुसार किया जाता है जिसका सेवन आश्रम के बच्चों को कराया जाता है। जिससे वह स्वस्थ रहें क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है।