सशक्त न्यूज नेटवर्क
लखनऊ। तराई क्षेत्र के किसानों की किस्मत बदलने और उनकी आय बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। उद्यान विभाग की ‘मखाना विकास योजना’ के तहत मखाने की खेती करने वाले किसानों को भारी आर्थिक मदद दी जा रही है। इस योजना के तहत किसानों को खेती की कुल लागत पर 50 फीसदी तक का अनुदान (सब्सिडी) मिलेगा।
31 मार्च तक कर सकते हैं आवेदन
मखाने की खेती में रुचि रखने वाले पात्र किसान 31 मार्च तक इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। अयोध्या के रुदौली समेत तराई इलाकों में जलभराव वाली जमीन और राजस्व ताल-पोखरों की प्रचुरता को देखते हुए मखाने की पैदावार की अपार संभावनाएं जताई जा रही हैं। पारंपरिक धान-गेहूं की खेती के अलावा जलभराव वाले क्षेत्रों में मखाना उगाकर किसान मोटी कमाई कर सकते हैं।
तालाब बनवाने के लिए भी मिलेगी मदद
मखाने की खेती पानी में होती है। जिन किसानों के पास तालाब नहीं है, उनके लिए भी राहत की खबर है। ऐसे किसान ‘खेत तालाब योजना’ के जरिए अपने खेतों में तालाब खुदवा सकते हैं। भूमि संरक्षण विभाग की इस योजना के तहत तालाब निर्माण पर अधिकतम ₹52,500 तक का अनुदान दिया जाएगा। इसके लिए किसानों को कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा।
मिलेगी ट्रेनिंग भी
उद्यान विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, एक हेक्टेयर तालाब में मखाने की खेती करने पर लागत का आधा खर्च सरकार वहन करेगी। इसके साथ ही किसानों को मखाने की उन्नत किस्मों, बुआई, फसल प्रबंधन और आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
बाजार में मखाने की बढ़ती मांग और बेहतर कीमतों को देखते हुए यह योजना किसानों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है।

