बरेली: परिवार ने जिसे मृत समझकर अंतिम विदाई दे दी, वह 72 साल का मंशालाल अचानक जिंदा घर लौट आया। यह नजारा देखकर परिजनों के होश उड़ गए। दरअसल, शव की शिनाख्त में हुई चूक के चलते दूसरे बुजुर्ग का मंशालाल समझकर अंतिम संस्कार कर दिया गया था। मंशालाल के लौटने के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया।
शव की पहचान में हुई बड़ी चूक
मंशालाल के लापता होने के बाद परिजन उनकी तलाश कर रहे थे। इसी दौरान एक बुजुर्ग का शव मिलने पर उसकी पहचान मंशालाल के रूप में कर ली गई। परिवार ने शव को अपना समझकर अंतिम संस्कार भी कर दिया। उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं था कि जिस व्यक्ति को वे खो चुके हैं, वह अभी जिंदा है।
जिंदा लौटे तो परिवार रह गया हैरान
अंतिम संस्कार के बाद मंशालाल के अचानक घर पहुंचने से परिवार के लोग हैरान रह गए। जिस शख्स को मृत मानकर अंतिम विदाई दी गई थी, उसे सामने देखकर किसी को अपनी आंखों पर यकीन नहीं हुआ। इस घटना के बाद शव की पहचान को लेकर सवाल खड़े हो गए।
आखिर किसका हुआ अंतिम संस्कार?
मंशालाल के जिंदा लौटने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर जिस बुजुर्ग का दाह संस्कार किया गया, वह कौन था? शव की पहचान में गलती कैसे हुई? इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए मामले की जांच जरूरी हो गई है।

