सशक्त न्यूज नेटवर्क
चित्रकूट। मंदाकिनी नदी की भीषण बाढ़ ने रामघाट से नयागांव होते हुए हनुमान धारा जाने वाले मार्ग पर बने पुल को बहा दिया। पुल टूटने के बाद भी Google Maps पर यह रास्ता अब तक चालू दिख रहा है। ऐसे में दूसरे शहरों और राज्यों से आने वाले श्रद्धालु व पर्यटक मोबाइल में दिख रहे रास्ते पर चलते हुए सीधे टूटे पुल तक पहुंच रहे हैं और वहां से उन्हें वापस लौटना पड़ रहा है।
सबसे गंभीर बात यह है कि पुल के क्षतिग्रस्त होने के बावजूद मौके पर प्रशासन की ओर से न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग की गई है और न ही बड़े चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाहर से आने वाले लोग क्षेत्र के वैकल्पिक रास्तों से परिचित नहीं हैं और Google Maps पर भरोसा कर इसी मार्ग पर पहुंच जाते हैं। बारिश, अंधेरा या कम दृश्यता के दौरान हादसे का खतरा और बढ़ सकता है।
पहले भी पहुंच चुके हैं लोग
स्थानीय लोगों के मुताबिक, Google Maps के बताए रास्ते पर कई लोग टूटे पुल के हिस्से तक पहुंच चुके हैं। लोगों ने प्रशासन से पुल के दोनों ओर मजबूत बैरिकेडिंग कराने और स्पष्ट चेतावनी संकेतक लगाने की मांग की है, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आगे जाने से रोका जा सके।
रिकॉर्ड स्तर तक पहुंची थी मंदाकिनी
अगस्त के अंत में मंदाकिनी नदी में आई भीषण बाढ़ ने चित्रकूट क्षेत्र में बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया था। उपलब्ध बाढ़ आंकड़ों के मुताबिक चित्रकूट में नदी का जलस्तर 29 अगस्त को 145.60 मीटर तक पहुंचा, जो वहां दर्ज पिछले उच्चतम बाढ़ स्तर से 2.95 मीटर अधिक था। बाढ़ से नदी किनारे के घाट, दुकानें, मकान और संपर्क मार्ग प्रभावित हुए।
स्थानीय प्रशासन के लिए अब चुनौती सिर्फ पुल की मरम्मत नहीं, बल्कि तब तक श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग की जानकारी उपलब्ध कराना भी है।
