दिल्ली में प्रदूषण का कहर: 20 इलाकों में AQI 400 पार, जहरीली हवा ने बढ़ाई चिंता
सशक्त न्यूज नेटवर्क
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण लगातार गंभीर रूप लेता जा रहा है। राजधानी के 20 निगरानी केंद्रों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के पार पहुंचने से हालात चिंताजनक हो गए हैं। जहरीली हवा के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ गया है। प्रदूषण के बढ़ते स्तर ने आम जनजीवन के साथ ही बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
20 केंद्रों पर हवा गंभीर श्रेणी में, सांस लेना हुआ मुश्किल
जहांगीरपुरी में 454 पहुंचा एक्यूआई, दिवाली से पहले प्रदूषण और बढ़ने की आशंका
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण ने खतरनाक रूप ले लिया है। बृहस्पतिवार शाम पांच बजे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के 59 निगरानी केंद्रों में से 20 पर एक्यूआई 400 के पार दर्ज किया गया। जहांगीरपुरी सबसे प्रदूषित इलाका रहा, जहां एक्यूआई 454 पहुंच गया। वहीं पंजाबी बाग में 448 और रोहिणी व आईआईटी दिल्ली में 442 एक्यूआई दर्ज किया गया।
प्रदूषण की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि राजधानी के किसी भी निगरानी केंद्र पर हवा की गुणवत्ता मध्यम या उससे बेहतर श्रेणी में नहीं रही। 35 केंद्रों पर एक्यूआई 301 से 400 के बीच रहा, जबकि चार केंद्रों पर यह 201 से 300 के बीच दर्ज किया गया। नरेला में 430, विवेक विहार में 429, अलीपुर में 424, मुंडका में 415, बवाना में 407 और आईटीओ में 402 एक्यूआई दर्ज किया गया।
पीएम 2.5 बना बड़ी चिंता
कई निगरानी केंद्रों पर पीएम 2.5 प्रमुख प्रदूषक के रूप में सामने आया है। हवा में मौजूद सूक्ष्म कण सांस के जरिये फेफड़ों तक पहुंचकर स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकते हैं। सीपीसीबी के अनुसार, 401 से 500 के बीच एक्यूआई रहने पर स्वस्थ लोगों की सेहत भी प्रभावित हो सकती है। वहीं फेफड़े और हृदय संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए यह स्थिति अधिक खतरनाक है।
दिवाली पर और बिगड़ सकते हैं हालात
मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों ने प्रदूषण से राहत की उम्मीदों को कमजोर कर दिया है। हवा की रफ्तार कम होने से प्रदूषक कण वातावरण में जमा हो रहे हैं। छह और सात नवंबर को शाम और रात के समय हवा की गति घटकर पांच किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में दिवाली पर आतिशबाजी के चलते दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण की परत और मोटी हो सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह
प्रदूषण के गंभीर स्तर को देखते हुए लोगों को सुबह-शाम खुले में टहलने और व्यायाम करने से बचना चाहिए। बच्चों, बुजुर्गों और सांस व हृदय रोग से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। आंखों में जलन, खांसी या सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
स्रोत:, सीपीसीबी के आंकड़े एवं मौसम संबंधी पूर्वानुमान।

