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एम्स रायबरेली के न्यूरोसर्जरी विभाग द्वारा 20 मार्च को ‘हेड इंजरी जागरूकता दिवस’ के अवसर पर एक सतत चिकित्सा शिक्षा (CME) कार्यक्रम का आयोजन
सशक्त न्यूज नेटवर्क
एम्स रायबरेली के न्यूरोसर्जरी विभाग द्वारा 20 मार्च को ‘हेड इंजरी जागरूकता दिवस’ के अवसर पर एक सतत चिकित्सा शिक्षा (CME) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. सुयश सिंह की अध्यक्षता में तथा कार्यकारी निदेशक प्रो. अमिता जैन के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
जन-जागरूकता गतिविधि के अंतर्गत सिविल लाइंस चौराहे, रायबरेली पर पुलिस कर्मियों, डॉक्टरों एवं नर्सिंग स्टाफ के सहयोग से बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चला रहे चालकों को हेलमेट वितरित किए गए। इस पहल के माध्यम से सिर की गंभीर चोटों की रोकथाम में हेलमेट के महत्व को रेखांकित किया गया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI), लखनऊ के न्यूरोसर्जरी विभागाध्यक्ष प्रो. अवधेश जायसवाल तथा प्रो. अंकुर बजाज आमंत्रित थे। प्रो. जायसवाल, जो एक प्रख्यात एंडोस्कोपिक न्यूरोसर्जन हैं, ने ब्रेन ट्यूमर के लिए उन्नत ट्रांस-ऑर्बिटल सर्जिकल एप्रोच पर व्याख्यान दिया। प्रो. बजाज, जो एक सुप्रसिद्ध न्यूरोट्रॉमा सर्जन हैं, ने पेनिट्रेटिंग हेड इंजरी के प्रबंधन में अपने व्यापक अनुभव साझा किए।
इस अवसर पर हेड इंजरी जागरूकता विषय पर एक पोस्टर प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें श्वेता ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। विभाग द्वारा उत्कृष्ट सेवाओं के लिए नर्सिंग स्टाफ में सुश्री आकांक्षा, श्री शैलेन्द्र एवं सुश्री सुरभि को ‘बेस्ट नर्सिंग अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया। साथ ही, सहायक कर्मियों में श्री महेन्द्र को विभाग में उनकी निरंतर एवं समर्पित सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. अरविंद सुमन द्वारा स्वागत भाषण से हुई तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. गोपीनाथ द्वारा प्रस्तुत किया गया।
डॉ. सुयश सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि ट्रॉमैटिक ब्रेन इंजरी देश के सबसे उत्पादक आयु वर्ग को प्रभावित कर रही है, और इसकी रोकथाम ही सबसे प्रभावी उपाय है। उन्होंने हेलमेट एवं सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, कम उम्र में वाहन न चलाने तथा शराब पीकर वाहन चलाने से बचने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यकारी निदेशक प्रो. अमिता जैन ने विभाग को इस महत्वपूर्ण पहल के लिए बधाई दी तथा हेड इंजरी के प्रबंधन में बहु-विषयक (मल्टीडिसिप्लिनरी) दृष्टिकोण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आम जनता में जागरूकता बढ़ाना और सही जानकारी का प्रसार करना अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम में एएमएस डॉ. नीरज कुमार श्रीवास्तव, वित्त सलाहकार कर्नल यू. एन. राय, डॉ. कालीचरण, डॉ. अमित गुप्ता, डॉ. अरविंद कंचन सहित संस्थान के अनेक संकाय सदस्य उपस्थित रहे।