आईटीआई की ओएफसी से होगी बांग्लादेश व म्यंमार सीमा की निगरानी

सशक्त न्यूज नेटवर्क
रायबरेली। बांग्लादेश के बदले राजनीतिक हालात और रोहिंग्या की घुसपैठ के कारण चिकननेक कॉरिडोर के साथ पूर्वोत्तर के सात राज्यों की सुरक्षा के लिए पुख्ता संचार व्यवस्था का खाका तैयार कर लिया गया है। इसके लिए आईटीआई के ऑप्टिकल फाइबर केबल पर भरोसा किया गया है।

संस्थान को काम मिला है और इससे उसकी भी किस्मत बदलने वाली है। आईटीआई को बांग्लादेश व म्यंमार की सीमा से जुड़े पूर्वोत्तर के राज्यों में ऑप्टिकल फाइबर केबल से नेटवर्क स्थापित कराने का काम मिला है।

असल में दूर संचार मंत्रालय ने देश की सीमाओं में सुरक्षा से जुड़े सूचनातंत्र को मजबूत करने के लिए कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। भारत संचार नेट तृतीय परियोजना के तहत काम तेजी से चल रहा है।

सेना को नेटवर्क स्थापित करने में कोई दिक्कत न हो और पड़ोसी देशों पर निगहबानी तेज हो, इसके लिए पश्चिम बंगाल, नागालैंड, हिमाचल प्रदेश, अंडमान सहित पूर्वोत्तर के राज्यों में संचार का नेटवर्क चौकस किया जा रहा है।

आईटीआई रायबरेली ने दुनिया को टेली नेटवर्क कैसे फैलाया जाता है, इसकी सीख 70 के दशक में दिया था। प्रारंभ में यहां बेसिक फोन के एक्सचेंज के लिए क्रॉस बार यूनिट का उत्पादन होता था।

समय बदलने के साथ इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस सी डॉट का उत्पादन शुरू हुआ इस समय सी और रेलवे के लिए आईटीआई में ओएफसी केबल का उत्पादन हो रहा है।जानकर ताज्जुब होगा कि जो चीन दुनिया के सामने अपनी आईटी तकनीक की बात करता है, उसने भी आईटीआई से ही संचार तंत्र और केबल नेटवर्क को विश्वस्तरीय बनाने की सीख ली है।

आईटीआई में इस समय दुनिया का सबसे बेहतर ऑप्टिकल फाइबर केबल का निर्माण हो रहा है। यह केबल इतना मजबूत है कि जमीन पर सालों अंदर पड़े रहने के बाद भी खराब नहीं होता है और साथ नेटवर्क को तेज करना है। रक्षा मंत्रालय देश में ओएफसी केबल के लिए आईटीआई रायबरेली पर ही भरोसा करती है।

अब सरकार ने भी भारत संचार नेट तृतीय परियोजना के तहत रायबरेली आईटीआई पर भरोसा किया है। इस कारण न केवल आईटीआई के दिन बहुरने वाले हैं, बल्कि आने वाले दिनों में आईटीआई रायबरेली संचारतंत्र को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ेगा। यही कारण है कि आईटीआई रायबरेली संयंत्र से सेवन सिस्टर के नाम से मशहूर पूर्वोत्तर के राज्यों में करीब 18000 किमी की ओएफसी केबल की आपूर्ति की जाएगी।

इस चिकन नेक कॉरिडोर की सुरक्षा और नागालैंड से जुड़ी म्यंमार की सीमा पर संचार नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है। शनिवार को आईटीआई से 16 किमी की ओएफसी केबल की पहली खेप संयंत्र प्रमुख व महाप्रबंधक हरतीश एच ए ने रवाना किया था। आने वाले दिनों में परिवहन के व्यवस्था के अनुरूप ओएफसी केबल की आपूर्ति की जाएगी।
वर्जन

आईटीआई के सूचना संपर्क अधिकारी संयंत्र के शिव कुमार सिंह ने बताया कि आईटीआई रायबरेली संयंत्र ओएफसी केबल बनाने में नंबर वन है। भारत संचार नेय तृतीय परियोजना के तहत संयंत्र को पूर्वोत्तर के राज्यों में नेटवर्क स्थापित करने में जरूरी ओएफसी केबल की आपूर्ति का निर्देश मिला है। देश में रायबरेली आईटीआई संयत्र ही ओएफसी केबल बनाती है। यही कारण है कि देशभर में संचार का नेटवर्क तेजी से काम कर रहा है।

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