नावों पर ड्रैगन लाइट और घाटों पर जालीदार बैरिकेडिंग अनिवार्य, सड़कों से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं तक दुरुस्त करने का अल्टीमेटम
सशक्त न्यूज नेटवर्क
रायबरेली। कार्तिक पूर्णिमा के प्रांतीय मेले में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की संभावना है, लेकिन तैयारियों की रफ्तार देखकर जिलाधिकारी का पारा चढ़ गया। मंगलवार को तहसील सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में सिंचाई विभाग, नगर पंचायत और विकास विभाग की धीमी कार्यप्रगति पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई। अधिकारियों को साफ शब्दों में चेतावनी दी कि मेले से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी हो जानी चाहिए, वरना लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई तय है।
जिलाधिकारी ने तहसील स्तरीय अधिकारियों को तैयारी में तेजी लाने के लिए तहसील मुख्यालय पर ही रहकर काम करने का निर्देश दिया। बैठक के बाद डीएम ने अधिकारियों के साथ पार्किंग स्थल, तराई घाट, आईटीबीपी गेस्ट हाउस और मेला क्षेत्र का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग को मेला क्षेत्र की सड़कों को तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।
नावों पर रोशनी, घाटों पर सुरक्षा का पहरा
गंगा स्नान के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर डीएम ने खास हिदायत दी। उन्होंने निर्देश दिया कि गंगा में चलने वाली सभी नावों पर ड्रैगन लाइट लगाई जाए और घाटों के किनारे जालीदार बैरिकेडिंग कराई जाए, ताकि स्नान के दौरान किसी तरह का हादसा न हो। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सीएचसी अधीक्षक डॉ. नवीन कुमार को मेले के दौरान प्रशिक्षित चिकित्सकों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा।
डीएम ने दो टूक कहा कि मेले की तैयारियों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभाग समय रहते अपनी जिम्मेदारी पूरी करें। चेतावनी के बाद अब विभागीय अधिकारियों के सामने मेले से पहले व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की चुनौती है। बैठक में पुलिस अधीक्षक रवि कुमार समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

