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यूएसडीटी निवेश के नाम पर आगरा के कारोबारी से 34 लाख की साइबर ठगी इस जनपद में दर्ज हुई एफआईआर

सशक्त न्यूज नेटवर्क
बाराबंकी। यूएसडीटी (क्रिप्टो करेंसी) मार्केट में निवेश का झांसा देकर आगरा के एक कारोबारी से 34 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि जिस कंपनी के नाम पर निवेश कराया गया, उसका कार्यालय पता बाराबंकी की आवास विकास कॉलोनी बताया गया है। पीड़ित कारोबारी की तहरीर पर साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

आगरा जनपद के आगरा के जगदीशपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत लड़ामदा निवासी राकेश कुमार ने बाराबंकी पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उन्हें एक निजी कंपनी फ्यूजन प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से यूएसडीटी मार्केट में निवेश कराया गया। कंपनी का पता बाराबंकी की आवास विकास कॉलोनी दर्शाया गया है।

पीड़ित के अनुसार करीब डेढ़ माह पहले फेसबुक पर उन्हें आरोही मिश्रा नाम की युवती से फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली। बातचीत के दौरान युवती ने खुद को कर्नाटक में फैशन स्टूडियो संचालित करने वाली बताया और साथ ही यूएसडीटी मार्केट में रोजाना मुनाफा होने का दावा किया। उसने कहा कि इस निवेश कार्य में उनके सहयोगी अनिल ठाकरे मार्गदर्शन करते हैं, जो ऑनलाइन ट्रेडिंग की पूरी प्रक्रिया समझाते हैं।

आरोही द्वारा दिए गए व्हाट्सएप नंबर पर अनिल ठाकरे से संपर्क हुआ। उसने खुद को सीनियर फॉरेन ट्रेडिंग कंसल्टेंट बताते हुए कहा कि निवेश पर अच्छा मुनाफा मिलेगा, लेकिन लाभ का 30 प्रतिशत हिस्सा उसे देना होगा। भरोसा दिलाने के लिए राकेश को पहले झांसा दिया।

पहले दिन 10 हजार रुपये निवेश किए और दो हजार रुपये का लाभ दिखाया गया। इसके बाद 13 दिसंबर 2025 को राकेश ने 50 हजार रुपये निवेश किए, जिसमें तीन दिनों में ही 50 हजार रुपये का लाभ दिखाया गया। 16 दिसंबर 2025 को अनिल के कहने पर एक लाख रुपये और लगाए गए। शुरुआती मुनाफे के लालच में आकर राकेश ने धीरे-धीरे कुल 34 लाख रुपये निवेश कर दिए।

पीड़ित का आरोप है कि जब उन्होंने यूएसडीटी बेचने की कोशिश की तो लगातार एरर दिखने लगा और रकम निकालने की कोई प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद संपर्क करने पर आरोपी टालमटोल करने लगे और अंततः संपर्क पूरी तरह बंद हो गया। तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ।

इस संबंध में साइबर थाने की प्रभारी केके यादव ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की गहन जांच की जा रही है। साइबर टीम संदिग्ध खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल लेनदेन की जांच कर रही है।

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