पावर ग्रिड की लाइन में फॉल्ट, गुल रही जिले भर की बिजली
सशक्त न्यूज नेटवर्क
रायबरेली में एनटीपीसी से अमावां स्थित पावर ग्रिड के लिए आने वाली लाइन में खराबी आने से जिले भर की बिजली गुल हो गई। एक साथ पूरे जिले की बिजली बंद होने से ट्रांसमिशन के अभियंताओं में हड़कंप मच गया। खामी को छिपाने के लिए आनन फानन लखनऊ से आने वाली लाइन से जोड़कर को पावर ग्रिड को चालू किया गया।
इसके बाद एक एक ट्रांसमिशन को चालू कराने में पांच घंटे बीत गए। यही वजह है कि कहीं पर एक घंटे बाद तो कहीं पर पांच घंटे बाद बिजली आपूर्ति बहाल हो पाई। इससे जिले के पांच लाख उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
अमावां स्थित 220 पावर ग्रिड को एनटीपीसी ऊंचाहार से जोड़ा गया है। ग्रिड और एनटीपीसी के बीच तीन लाइनें बनीं है। इसमें दो लाइनें ट्रांसमिशन के पास, जबकि एक लाइन पावर ग्रिड के पास है। गंगा एक्सप्रेस-वे निर्माण के दौरान ट्रांसमिशन की दोनों लाइनें बंद थीं। पावर ग्रिड की लाइन से जिले की बिजली आपूर्ति चल रही थी।
दोपहर करीब 12.24 बजे एनटीपीसी से आने वाली लाइन में भी खराबी आ गई। इससे ग्रिड से जुड़े अमावां 132 केवीए ट्रांसमिशन, त्रिपुला, डलमऊ, रग्घूपुर, बछरावां, मल्केगांव समेत सात ट्रांसमिशन से जुड़े 54 विद्युत उपकेंद्रों की बिजली गुल हो गई।
एक साथ पूरे जिले की बिजली गुल होने से ट्रांसमिशन के अभियंता फॉल्ट खोजने के लिए दौड़भाग शुरू की। हालांकि पावर ग्रिड को लखनऊ से आई लाइन से जोड़कर चालू किया गया। इसके बाद एक-एक कर ट्रांसमिशन को चालू किया गया।
शाम पांच बजे तक सभी ट्रांसमिशन से जुड़े उपकेंद्रों की बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। इस संबंध में पावर ग्रिड के अवर अभियंता सुशांत से बात की गई। इस पर वह कोई जवाब देने से इंकार कर दिया।
ट्रांसमिशन के एसडीओ बबलू शर्मा ने बताया कि एनटीपीसी से आने वाली लाइन में दिक्कत के चलते बिजली बंद थी। लखनऊ से आने वाली लाइन से कुछ देर में ही बिजली बहाल करा दी गई।