राम मंदिर को लेकर किए गए संघर्षों को याद कर भावुक हो गए महामंडलेश्वर
अयोध्या धाम में ध्वजारोहण समारोह में शामिल होने के लिए दादभ्य पीठ डलमऊ के महामंडलेश्वर स्वामी देवेंद्रानंद गिरि जी अपने शिष्यों के साथ सोमवार को अयोध्या धाम के लिए प्रस्थान किया।
महामंडलेश्वर ने अपनी पुरानी यादों को स्मरण करते हुए कहा कि एक दौर वह भी था जब हम लोगों ने विश्व हिंदू परिषद के बैनर तले गांव में ईट पूजन, राम रथ यात्रा की। विपरीत सरकर में भी यह सभी कार्यक्रम चलते रहे।
हमें बड़ा हर्ष है कि 92 वर्ष की अवस्था के पहुंचने पर सौभाग्य है कि मेरे रहते हुए राम मंदिर बनाकर के तैयार हो गया। कल उसके शिखर पर धर्म ध्वजा लगाई जाएगी, जो एक सनातन धर्म का प्रतीक माना जाता है। 500 वर्ष के प्रतिकशा के बाद आया यह अवसर आम जनमानस के लिए सुलभ हुआ है।
साथ में महंत नरोत्तम आनंद गिरि, स्वामी राम चेतन, स्वामी दिव्यानंद, वरुण शुक्ला,स्वामी दिव्या ने कहा की संघर्ष को पुराने संतों ने विश्व हिंदी परिषद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व अनेक संतों ने किया,परंतु उसका फल हम जैसे नवयुवक संतो को प्राप्त हो रहा है