सभासदों के हंगामे के साथ शुरू हुई बोर्ड बैठक, अध्यक्ष व ईओ आमने सामने

रायबरेली : नगर पालिका की बोर्ड बैठक सभासदों के हंगामें के साथ शुरू हुई हुई। ईओ को बोर्ड की कतार से अलग प्रशासनिक अधिकारियों की कतार में बैठने को लेकर सभासद अड़गए। नारेबाजी की और बेल में जाकर जमीन पर बैठ गए। हंगामा बढ़ा तो एसडीएम न्यायिक पुलिस बल के साथ पहुंचे और सभासदों को शांत कराया। बैठक के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष और ईओ आमने सामने आ गए दोनों ने एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाए।

नगर पालिका में विकास को रफ्तार देने व आगामी त्यौहाराें पर बेहतर इंतजाम को लेकर मंगलवार को बोर्ड की बैठक बुलाई गई। बैठक शुरू होते ही सभासद बोेर्ड की कमेटी में बैठने पर कड़ी नाराजगी जताई और नारेबाजी करते हुए बेल में आ गए। इसके बाद ईओ स्वर्ण सिंह ने बोर्ड का सचिव होने के नाते बोर्ड के सदस्यों के साथ बैठने पर अड़े रहे। मामला बढ़ता देख जिला प्रशासन को सूचना दी गई। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए नमित प्रशासनिक अधिकारी न्यायिक एसडीएम सदर आशुतोष राय मौके पर पहुंचे और सभासदों को शांत कराया।

एसडीएम की अपील पर सभी सभासद शांत हुए और अपने अपने आसन पर बैठे। चेयरमैन के आदेश पर सदन की कार्रवाई शुरू हुई। इस दौरान कई सभासदों ने वार्ड में विकास कार्य नहीं होने का आरोप लगाते हुए कड़ी नाराजगी जताई। नगर पंचायत अध्यक्ष ईओ से सवाल किया कि पूर्व में हुई बोर्ड बैठक में शव वाहन व ड्रिप फ्रीजर रखने का प्रस्ताव पास हुआ था। खरीद क्यों नहीं की गई। ईओ ने बजट न होने का हवाला दिया और बजट की व्यवस्था होने पर खरीद करने का भरोसा दिलाया। बैठक के दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष व ईओ कई बार आमने सामने आ गए। चेयरमैन ने ईओ पर मनमानी करने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए और कार्रवाई की चेतावनी दी। 34 सभासदों के सापेक्ष 32 सभासदों की मांग पर बैठक के दौरान ईओ के विरुद्ध निंदा प्रस्ताव रखा गया।

 

चेयरमैन की सुनें-

ईओ शासन की मंशा के अनुरूप कार्य नहीं कर रहे हैं। सभासदों व कर्मचारियों से अभद्रता करते हैं। जनहित के कार्यों को करने में रुचि न लेने के कारण बैठक के दौरान 32 सभासदों ने निंदा प्रस्ताव लाए और शासन से ईओ को हटाने के लिए पत्राचार करने की मांग की है। जल्द ही इस आशय का पत्र शासन को भेजा जाएगा। बैठक में डोर टू डोर कूड़ा उठाने का काम करने वाली फर्म का ठेका निरस्त कर उसे ब्लैक लिस्ट में डालने की कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया है।

 

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कर्मचारियों का वेतन देने के लिए आए फंड से काम कराने के लिए कहा जा रहा है। जबकि कर्मचारियों का पैसा अभी बकाया है। बकाया पैसा का भुगतान करना हमारी प्राथमिकता पर है। चेयरमैन अपने चहेतों को ठेका दिलाने व भुगतान कराने के लिए दबाव बना रहे हैं। अपने रिश्तेदारों को आउटसोर्स के माध्यम से रखवाने व फर्जी भुगतान कराने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा हैं। जो भी जनहित के कार्य हैं उनको प्राथमिकता से कराया जा रहा है। शहरवासियों को शुद्ध पानी, बेहतर सड़क व बेहतर प्रकाश की व्यवस्था के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

स्वर्ण सिंह, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद

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