सशक्त न्यूज नेटवर्क
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने संगठन में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी ने अजय राय की जगह रामपुर खास से विधायक आराधना मिश्रा ‘मोना’ को प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष बनाया है। वहीं सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। देवेंद्र निषाद और आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाया गया है।
ब्राह्मण और मुस्लिम समीकरण पर जोर
कांग्रेस के इस फेरबदल को 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। आराधना मिश्रा पार्टी का प्रमुख ब्राह्मण चेहरा हैं और प्रतापगढ़ की रामपुर खास सीट से लगातार तीन बार विधायक रह चुकी हैं। वह वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी की बेटी हैं और लंबे समय से उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय हैं।
वहीं इमरान मसूद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के प्रमुख मुस्लिम चेहरों में शामिल हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने सहारनपुर सीट से जीत दर्ज की थी। उन्हें कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने को पश्चिमी यूपी में पार्टी की पहुंच मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
सपा के साथ सीट बंटवारे पर भी नजर
कांग्रेस और समाजवादी पार्टी विपक्षी गठबंधन का हिस्सा हैं। ऐसे में प्रदेश संगठन में बदलाव का एक पहलू आगामी चुनाव में सीटों के तालमेल से भी जुड़ा माना जा रहा है। आराधना मिश्रा के सपा नेतृत्व के साथ बेहतर राजनीतिक संबंध बताए जाते हैं, जबकि इमरान मसूद पिछले कुछ समय से सपा के साथ सीट बंटवारे को लेकर मुखर रहे हैं। ऐसे में नई टीम में दोनों नेताओं की मौजूदगी को अलग-अलग राजनीतिक संदेशों से जोड़कर देखा जा रहा है।
ओबीसी और दलित वर्ग को भी साधने की कोशिश
कांग्रेस ने संगठन में सामाजिक प्रतिनिधित्व का दायरा बढ़ाते हुए देवेंद्र निषाद और आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाया है। देवेंद्र निषाद के जरिए पार्टी की नजर ओबीसी और विशेष रूप से निषाद समुदाय पर है, जबकि आलोक प्रसाद को दलित समाज से जोड़कर देखा जा रहा है। इस तरह नई टीम में ब्राह्मण, मुस्लिम, ओबीसी और दलित वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश नजर आती है।
अजय राय को क्यों हटाया गया?
अजय राय अगस्त 2023 में उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष बनाए गए थे। उनके कार्यकाल को लेकर पार्टी की ओर से किसी अनुशासनात्मक कार्रवाई या विशेष आरोप की बात सामने नहीं आई है। कांग्रेस ने उनके योगदान की सराहना भी की है। ऐसे में नेतृत्व परिवर्तन को मुख्य रूप से चुनाव से पहले संगठन की नई रणनीति और सामाजिक-क्षेत्रीय समीकरणों को साधने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।
चुनाव से पहले नई टीम को जिम्मेदारी
कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष के साथ ही विधायक दल के नेता की जिम्मेदारी भी चौधरी वीरेंद्र सिंह को दी है। पार्टी इससे पहले प्रदेश प्रभारी के पद पर राजेंद्र पाल गौतम को नियुक्त कर चुकी है। संगठन में लगातार हो रहे इन बदलावों से संकेत मिलता है कि कांग्रेस 2027 के चुनाव से पहले प्रदेश में अपनी चुनावी और संगठनात्मक टीम को नए सिरे से तैयार कर रही है।

