सोशल मीडिया पर सक्रिय, फिर भी अकेलेपन का एहसास
35 प्रतिशत भारतीय सिंगल्स ने माना—ऑनलाइन कनेक्शन के बावजूद असल जिंदगी में महसूस करते हैं अकेलापन
नई दिल्ली। सोशल मीडिया ने लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने के रास्ते आसान कर दिए हैं, लेकिन वास्तविक जिंदगी में गहरे रिश्तों की तलाश अब भी पूरी नहीं हो पा रही है। भारतीय सिंगल्स के बीच किए गए एक सर्वे में सामने आया है कि 35 प्रतिशत लोग अक्सर या हमेशा अकेलापन महसूस करते हैं। वहीं, 70 प्रतिशत नए दोस्त और सामाजिक संबंध बनाने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रहे हैं।
ऑनलाइन जुड़ाव के बावजूद दूरी
सर्वे में शामिल 58 प्रतिशत लोगों ने बताया कि वे इंटरनेट पर दूसरों से जुड़ा हुआ महसूस करते हैं, लेकिन वास्तविक जीवन में अकेलेपन का सामना करते हैं। हालांकि, 75 प्रतिशत लोग सप्ताह में एक से अधिक बार आमने-सामने लोगों से मिलते-जुलते हैं। इससे साफ है कि लोगों के लिए केवल ऑनलाइन संपर्क ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि भावनात्मक जुड़ाव भी जरूरी है।
काम का दबाव और थकान बन रही बाधा
सामाजिक रिश्तों के लिए समय निकालना भी चुनौती बन गया है। 64 प्रतिशत भारतीय सिंगल्स ने माना कि वे अपनी सामाजिक जिंदगी की तुलना में काम या पढ़ाई को प्राथमिकता देते हैं। वहीं, 55 प्रतिशत लोगों का कहना है कि दिनभर के काम के बाद वे इतने थक जाते हैं कि सामाजिक मेलजोल के लिए ऊर्जा नहीं बचती।
कम रिश्ते, लेकिन गहरे जुड़ाव की चाह
सर्वे में 72 प्रतिशत लोगों ने ज्यादा रिश्तों के बजाय कम लेकिन गहरे और सार्थक संबंधों को प्राथमिकता दी। इससे पता चलता है कि लोगों की चाहत केवल अधिक कनेक्शन बनाने की नहीं, बल्कि ऐसे रिश्ते कायम करने की है, जिनमें भरोसा, समझ और भावनात्मक जुड़ाव हो।
सच्चे प्यार और स्थायी रिश्ते की उम्मीद
भारतीय सिंगल्स में प्रेम और लंबे समय तक चलने वाले रिश्तों की चाह बरकरार है। 78 प्रतिशत लोगों ने सच्चे प्यार में विश्वास जताया, जबकि 77 प्रतिशत को उम्मीद है कि भविष्य में उन्हें अपना सही साथी मिलेगा। वहीं, 85 प्रतिशत लोग लंबे समय के रिश्ते की तलाश में हैं। जेनरेशन जेड में यह आंकड़ा 89 प्रतिशत रहा।
सर्वे में 63 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे गलत रिश्ते में समझौता करने के बजाय सही साथी की तलाश जारी रखना पसंद करेंगे। वहीं, 72 प्रतिशत लोग ऐसे साथी के साथ डेटिंग करना चाहते हैं, जिसके साथ उन्हें लंबे समय का भविष्य नजर आए।
डेटिंग ऐप से जुड़ाव, सुरक्षा भी चिंता
करीब 40 प्रतिशत भारतीय सिंगल्स फिलहाल डेटिंग ऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं। इनमें से 63 प्रतिशत का मानना है कि ये ऐप उन्हें अधिक जुड़ा हुआ और कम अकेला महसूस कराने में मदद करते हैं। हालांकि, ऑनलाइन डेटिंग में सुरक्षा और भरोसा भी अहम मुद्दा बना हुआ है। 60 प्रतिशत लोगों ने ऑनलाइन डेटिंग में सुरक्षा और समावेशिता को लेकर चिंता जताई।
सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि डिजिटल दौर में लोगों के पास संपर्क के साधन भले ही बढ़ गए हों, लेकिन स्थायी और भावनात्मक रूप से मजबूत रिश्तों की जरूरत अब भी बनी हुई है।

