पुरुषोत्तम शुक्ला
रायबरेली: सनातन परंपरा और संस्कारों की महत्ता को सामने लाने के उद्देश्य से जेसीआई एल्युमिनी क्लब (जोन-2, रायबरेली) ने मंगलवार को सनातन धर्म पीठ बड़ा मठ में ‘नमस्ते इंडिया’ कार्यक्रम की शुरुआत की। कार्यक्रम में पहुंचे स्वामी देवेंद्रानंद गिरि महाराज ने क्लब के पदाधिकारियों और सदस्यों को आशीर्वाद दिया।
मठ परिसर में आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने सनातन परंपरा, मठ की भूमिका और बच्चों में संस्कारों के महत्व पर विचार रखे। आश्रम में रहने वाले शिष्यों को संबोधित करते हुए कहा गया कि “जब तक आप मठ की शरण में हैं, मठ ही प्रयोगशाला है, मठ ही संस्कार है और मठ ही धर्मशाला है।”
वक्ताओं ने कहा कि बच्चे खिलते हुए फूलों की तरह होते हैं। उन्हें यदि संस्कारों और अनुशासन की सही सीख मिले तो उनकी खुशबू केवल परिवार तक सीमित नहीं रहती, बल्कि समाज और देश तक पहुंचती है। कार्यक्रम में सनातन संस्कृति और नई पीढ़ी को इससे जोड़ने की जरूरत पर भी जोर दिया गया।
महामंडलेश्वर ने कार्यक्रम में शामिल सदस्यों को सम्मानित किया। उन्होंने ऐसे आयोजनों के माध्यम से समाज में संस्कार और भारतीय परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के प्रयास की सराहना की और आयोजकों का आभार जताया।
इस मौके पर स्वामी दिव्यानंद गिरि महाराज, उमाकांत मिश्र, सुधाकर शास्त्री, अनूप अग्रवाल, जितेंद्र शर्मा, अमन अग्रवाल, राकेश कक्कड़, कल्पना पांडेय, अनुराग मिश्र और सर्वेश समेत क्लब के सदस्य मौजूद रहे।

