सिंचाई विभाग के अधिकारियों की मनमानी तो देखिए, मंत्री के आदेश के बावजूद नहीं साफ कराई नहरें
न्यूज़ नेटवर्क
रायबरेली जनपद के सलोन तहसील क्षेत्र में रजबहे और माइनरें सिल्ट से पटीं हैं। इससे दिसंबर के पहले सप्ताह में पानी पहुंचाने का दावा हवाई सबित हो रहा है। सलोन, छतोह, और ऊंचाहार ब्लॉक क्षेत्र में अभी तक ज्यादातर नहरों की सफाई का काम ही शुरू नहीं हो पाया है।
इससे साफ जाहिर है कि तय समय में नहरों में पानी कैसे पहुंचेगा। इससे किसानों को एक ओर जहां गेहूं की बोआई के लिए खेतों को पलेवा करने, तो दूसरी ओर सरसों की फसल की सिंचाई की समस्या से जूझना पड़ेगा।
सिंचाई मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने बीते औचक निरीक्षण के दौरान निर्देश दिया था कि 30 नवंबर तक नहरों की सफाई का काम पूरा कराकर दिसंबर के पहले सप्ताह में पानी छोड़ा जाए, लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारियों की उदासीनता के चलते अभी तक ज्यादातर नहरें सिल्ट और झाड़ियों से पटीं है। इस बार छह करोड़ रुपये की लागत से 435 नहरों की सफाई होनी थी।
अभी तक करीब 200 नहरों की सफाई हो पाई है। सबसे खराब हालत सिंचाई खंड 45 के हैं। इस खंड के अंतर्गत 73 नहरें आती है, जिसमें ज्यादातर नहरों में अभी तक सफाई का काम शुरू नहीं हो पाया है। जिन नहरों की सफाई हुई, उसमें महज औपचारिकता की जा रही है।
छतोह, सलोन, जगतपुर, ऊंचाहार क्षेत्र में अधिकांश नहरें सिल्ट और झाड़ियों से पटीं है। इससे साफ जाहिर है कि दिसंबर के पहले सप्ताह में नहरों में पानी कैसे पहुंच पाएगा।
किसान रामनरेश, रतीपाल, जगदंबा पटेल, रामप्रसाद, माताबदल ने बताया कि धान की कटाई हो चुकी है। खेत सूखे हैं। बिना खेतों को पलेवा किए बोआई करने से गेहूं का जमाव ठीक से नहीं हो पाएगा। यदि दिसंबर के पहले सप्ताह तक नहरों में पानी नहीं आया, तो गेहूं की बोआई का काम पिछड़ जाएगा। यही हाल सरसों की फसल का है।
सिंचाई खंड 45 के अधिशासी अभियंता रमाशंकर राय ने बताया कि दिसंबर के पहले सप्ताह तक सफाई का काम पूरा कराने के बाद पानी छोड़ा जाएगा। सिल्ट सफाई का काम तेजी से चल रहा है।