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विश्वविद्यालय की परीक्षा में नकल का खुलासा, उड़न दस्ते ने दबोचे 12 नकलची

सशक्त न्यूज नेटवर्क
बलरामपुर। मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय की परीक्षाओं में नकल कराने का खुलासा हुआ। विश्वविद्यालय प्रशासन ने नकल के विरुद्ध सख्ती दिखाई है। शनिवार को आयोजित परीक्षाओं के दौरान विश्वविद्यालय के उड़ाका दलों ने अलग-अलग महाविद्यालयों में छापा मारकर कुल 12 परीक्षार्थियों को नकल करते पकड़ा है। कार्रवाई से परीक्षा केंद्रों में हड़कंप मच गया है। नकल कराने में कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के दो कॉलेज भी शामिल मिले हैं।

परीक्षा के दौरान पकड़े गए नकलची बहराइच, बलरामपुर और गोंडा जनपद के विभिन्न महाविद्यालयों से संबंधित हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा गठित उड़ाका दलों ने औचक निरीक्षण के दौरान नकल करते हुए छात्रों को पकड़ा और नियमानुसार कार्रवाई की। विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए गोंडा व बहराइच जनपद में दो-दो तथा बलरामपुर में एक उड़ाका दल के साथ एक केंद्रीय उड़ाका दल तैनात किया है, जो लगातार परीक्षा केंद्रों की निगरानी कर रहा है।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर रवि शंकर सिंह ने भी डीपीएस डिग्री कॉलेज एवं फातिमा डिग्री कॉलेज तुलसीपुर का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने परीक्षा कक्षों का जायजा लेते हुए स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि सामूहिक नकल या उसके प्रयास की स्थिति में संबंधित परीक्षा केंद्र को डिबार कर दिया जाएगा। कुलपति ने कहा कि मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय नकल विहीन, पारदर्शी और सुचिता पूर्ण परीक्षा प्रणाली को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उड़ाका दल की जांच में पकड़े गए नकलचियों में बाबू वासुदेव सिंह स्मारक डिग्री कॉलेज, जैतापुर (बहराइच) से एक, सीमांत डिग्री कॉलेज, रुपईडीहा (बहराइच) से दो, सीमावर्ती डिग्री कॉलेज, बहराइच से एक, बाबू सुंदर सिंह डिग्री कॉलेज, हुजूरपुर (बहराइच) से एक, अशोक स्मारक डिग्री कॉलेज, खुटेहना (बहराइच) से एक, शक्ति स्मारक संस्थान, दुल्हनपुर (बलरामपुर) से एक तथा नंदिनी नगर डिग्री कॉलेज, नवाबगंज (गोंडा) से पांच परीक्षार्थी शामिल हैं। नवाबगंज के नंदिनीनगर महाविद्यालय में सबसे अधिक नकलची पकड़े गए हैं। यह विद्यालय कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के प्रबंधन से संचालित हो रहा है। इस महाविद्यालय पर अब विश्वविद्यालय प्रशासन की विशेष नजर रहेगी।

शनिवार को स्नातक प्रथम वर्ष व परास्नातक प्रथम वर्ष की परीक्षाएं कराई जा रहीं थीं। जिसमें स्नातक प्रथम वर्ष की प्राचीन इतिहास और पुरातन संस्कृति विषय की परीक्षाएं थीं। इसके साथ ही परास्नातक के उर्दू विषय की परीक्षा थी।

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