लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की मनमानी से चकनाचूर हुआ गांव के विकास का आइना

सशक्त न्यूज नेटवर्क
रायबरेली। कहते हैं सदके गांव के विकास का आईना होते हैं लेकिन अधिकारियों के मनमानी की वजह से गांव के विकास का यह आइना चकनाचूर हो गया है। जिले की बदहाल सड़कों की दशा सुधारने के लिए भले ही तीन करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए हैं, लेकिन धरातल पर अभी भी बदहाल सड़कें लोगों को जख्म दे रहीं हैं। सबसे ज्यादा सड़कें लोक निर्माण खंड प्रथम और द्वितीय की खराब हैं। कई सड़कें ऐसी हैं, जिनकी पैच मरम्मत कराई गई, लेकिन फिर से सड़कें जस की तस हो गईं। इससे आए दिन लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। 30 नवंबर तक सड़कों को गड्ढामुक्त करना था, लेकिन यह काम अब तक पूरा नहीं हो पाया है, जबकि अफसर ज्यादातर सड़कें दुरुस्त करने का दावा कर रहे हैं।

ऊंचाहार, सलोन, जगतपुर, लालगंज, खीरों, महराजगंज, शिवगढ़, सतांव, डलमऊ ब्लॉक क्षेत्र में अब भी सड़कें खस्ताहाल हैं। इससे आए दिन लोग गिरकर चोटिल हो रहे है। इस बार बरसात में करीब 400 से ज्यादा सड़कें गड्ढों में तब्दील हुई थी। सितंबर महीने से सड़कों को दुरुस्त करने का अभियान शुरू किया गया था, लेकिन अब तक ज्यादातर सड़कों की सूरत नहीं बदल पाई है।

लोक निर्माण विभाग की ज्यादातर सड़कों को दुरुस्त कर लिया गया है। जिन सड़कों पर गड्ढे हैं, उनको भी दुरुस्त कराया जाएगा। यदि कोई सड़क बनने के बाद उखड़ गईं हैं, तो संबंधित ठेकेदार से सड़कों को बनवाया जाएगा।
महिपाल सिंह, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग

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