200 साल पुरानी राम–जानकी की अष्टधातु मूर्तियां चोरी, चार शातिर गिरफ्तार
अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचने की थी साजिश, पत्रकार की भूमिका भी आई सामने
एसओजी–सर्विलांस की संयुक्त कार्रवाई, जमीन में गड़ी मिलीं प्राचीन मूर्तियां
डलमऊ के निजी मंदिर से 14 दिसंबर की रात हुई थी चोरी, इलाके में फैला था भारी आक्रोश
पुलिस अधीक्षक ने प्रेस वार्ता में किया खुलासा, फरार आरोपी की तलाश जारी
रायबरेली। डलमऊ थाना क्षेत्र के रामपुर बरारा गांव स्थित निजी मंदिर से करीब 200 वर्ष पुरानी भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण की अष्टधातु मूर्तियों की चोरी के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में बुधवार दोपहर 1:30 बजे आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक डॉक्टर यशवीर सिंह ने पूरे घटनाक्रम का खुलासा करते हुए बताया कि इस सनसनीखेज चोरी कांड में शामिल चार शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि एक आरोपी अब भी फरार है।
एसपी ने मीडिया को बताया कि पुलिस के अनुसार, 14 दिसंबर 2025 को मंदिर स्वामी राजाराम बाजपेयी ने थाना डलमऊ में तहरीर देकर बताया था कि उनके निजी मंदिर का ताला तोड़कर प्राचीन अष्टधातु की तीन मूर्तियां चोरी कर ली गई हैं। मामला धार्मिक आस्था से जुड़ा होने के कारण क्षेत्र में भारी रोष फैल गया था, जिसके बाद पुलिस
पर त्वरित खुलासे का दबाव बढ़ गया।संयुक्त टीम की सटीक रणनीति, गिरफ्त में आए आरोपी
पुलिस अधीक्षक के निर्देश, अपर पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी डलमऊ के नेतृत्व में एसओजी, सर्विलांस, थाना डलमऊ और थाना गदागंज की संयुक्त टीम गठित की गई। मुखबिर की सूचना पर पखरौली के पास से चार अभियुक्तों—आयुष त्रिवेदी, शिवांक उर्फ शिवा, अमन कुमार यादव और अभिषेक यादव—को गिरफ्तार किया गया।
जमीन में गाड़ दी गई थीं मूर्तियांपूछताछ में अभियुक्तों की निशानदेही पर मतौलीपुर स्थित मुर्गी फार्म के पीछे जमीन में गड़ी तीनों प्राचीन मूर्तियां बरामद कर ली गईं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 30 हजार रुपये नकद और घटना में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिलें भी जब्त की हैं।
अंतरराष्ट्रीय तस्करी की थी योजना पुलिस के अनुसार, पूछताछ में खुलासा हुआ कि फरार अभियुक्त अभय यादव उर्फ सरकार ने मंदिर में मौजूद मूर्तियों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी कीमत और गुजरात सहित अन्य राज्यों में मांग की जानकारी दी थी। इसके बाद रेकी कर योजनाबद्ध तरीके से चोरी को अंजाम दिया गया।
चौंकाने वाला तथ्य यह भी सामने आया कि गिरफ्तार अभियुक्त अमन यादव, जो एक स्थानीय समाचार पत्र का पत्रकार बताया जा रहा है, पुलिस गतिविधियों पर नजर रखने और सूचना जुटाने की भूमिका निभा रहा था।
पुरानी चोरी का भी कबूलनामा
कड़ाई से पूछताछ में आरोपियों ने जुलाई 2025 में चकमलिकभीटी गांव में हुई चोरी की घटना में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की है, जिससे प्राप्त धनराशि से संबंधित मुकदमा पहले से दर्ज है।
फरार आरोपी की तलाश जारी
पुलिस ने बताया कि फरार अभियुक्त अभय यादव उर्फ सरकार की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। गिरफ्तार सभी अभियुक्तों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा रहा है तथा उनके आपराधिक इतिहास की गहन जांच की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक डॉक्टर यशवीर सिंह ने प्रेस वार्ता में स्पष्ट किया कि धार्मिक आस्था से जुड़े अपराधों में किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।