रायबरेली के लालगंज के पास बना रेलवे ओवरब्रिज फिर हुआ क्षतिग्रस्त आवागमन बाधित
सशक्त न्यूज नेटवर्क
लालगंज। रायबरेली-बांदा हाईवे पर लालगंज स्थित रेलवे ओवरब्रिज फिर क्षतिग्रस्त हो गया है। इस कारण है कि किसी ओवरलोड वाहन की मरम्मत पुल पर की गई, जिससे भारी भरकम जैक के कारण पुल की टर्फ में दरार आ गई। इसके चलते शुक्रवार से छोटे और भारी वाहनों का आवागमन रोक दिया गया। अब फिर लालगंज कस्बे से होकर छोटे और भारी वाहन निकल रहे हैं। इससे जाम की समस्या बढ़ गई है। मरम्मत के बाद ओवरब्रिज से आवागमन शुरू होने में 15 दिन का समय लग सकता है।
रायबरेली-बांदा वाया टांडा हाईवे का निर्माण 2018 में कराया गया। 133 किमी. लंबी इस परियोजना को 558 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया गया है। यह हाईवे बुंदेलखंड, चित्रकूट, और पूर्वांचल को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इस पुल से अधिकतर निर्माण सामग्री ढोने वाले ट्रकों, बसों समेत अन्य वाहनों का भारी यातायात रहता है। असल में लालगंज में जाम की समस्या को देखते हुए यहां पर बाईपास का निर्माण कराया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 दिसंबर 2019 में इसका लोकार्पण किया था।
इसी बाईपास पर रेलवे का ओवरब्रिज बना है। लोकार्पण के बाद आवागमन शुरू होने के छह माह में रेलवे का ओवरब्रिज क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद से आवागमन रोक दिया गया। छह साल इंतजार के बाद तीन सितंबर 2025 को ओवरब्रिज से फिर आवागमन शुरू कराया गया था।
शुक्रवार से ओवरब्रिज पर आवागमन बंद कर दिया गया। पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारणों की पड़ताल की गई है। पता लगा कि किसी ओवरलोड वाहन की मरम्मत के दौरान पुल की स्लेब पर जैक लगाए गए। जिस कारण पुल की ऊपरी सहत दरक गई और गड्ढा हो गया।
सबसे खास बात यह है कि जब सितंबर 2025 में पुल पर आवागमन शुरू किया गया था तो उस समय एक क्षतिग्रस्त हिस्से को लोहे की मोटी चादरों से ढककर खामियां छिपा ली गई थीं और आवागमन को चालू कर दिया गया था। शुक्रवार दोपहर आखिरकार पुल के दोनों सिरों पर पत्थरों की बैरिकेडिंग कर आवागमन पूरी तरह से रोकने के बाद मरम्मत का काम शुरू कराया गया।
रेलवे पर बने ओवरब्रिज की मरम्मत का काम जल्द पूरा कराया जाएगा। हाईवे पर कोई भारी वाहन उठाने के लिए दो जैक लगाए गए थे। इससे स्लैब में समस्या आई है। मरम्मत का काम शुरू करा दिया गया है। आवागमन शुरू होने पर 15 दिन का समय लग सकता है। ओवरब्रिज की मरम्मत में कोई लापरवाही नहीं हुई है। कई बार जांच के बाद इससे आवागमन शुरू कराया गया था।
अर्जुन सिंह, डिप्टी मैनेजर, एनएचएआई